मानसून की बारिश गर्मी से राहत तो देती है, लेकिन इसके साथ उमस और नमी भी बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में सही कपड़ों का चुनाव बेहद जरूरी हो जाता है। कॉटन और रेयॉन दोनों ही हल्के और आरामदायक फैब्रिक हैं, लेकिन इनके गुण अलग-अलग हैं। कौन-सा कपड़ा आपके लिए बेहतर रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसे किस मौके पर और कितनी देर के लिए पहनने वाले हैं।
बारिश के मौसम में एक फैब्रिक जल्दी सूख जाता है, जबकि दूसरा पानी अधिक सोखने के कारण देर से सूखता है। इसके अलावा सिलवटें पड़ने, आराम और लुक जैसी बातें भी सही चुनाव में अहम भूमिका निभाती हैं।
बारिश में कपड़ों का चुनाव
कॉटन लंबे समय से गर्मियों और उमस वाले मौसम का पसंदीदा फैब्रिक माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हवा का अच्छा प्रवाह बनाए रखता है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है। यह पसीना अच्छी तरह सोख लेता है और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए भी आरामदायक माना जाता है। हालांकि, मानसून में इसकी एक कमी यह है कि बारिश में भीगने पर यह ज्यादा पानी सोख लेता है और सूखने में समय लगता है। कई बार इसमें सिकुड़न भी आ सकती है। रेयॉन अपनी मुलायम बनावट और शानदार फॉल के कारण काफी पसंद किया जाता है। इससे बने कपड़े शरीर पर अच्छी तरह बैठते हैं और ड्रेस या कुर्ते को आकर्षक लुक देते हैं। मानसून में इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कॉटन की तुलना में जल्दी सूख जाता है और इसमें सिलवटें भी कम पड़ती हैं। हल्की बारिश में भीगने पर भी कपड़े लंबे समय तक गीले नहीं रहते। हालांकि, ज्यादा उमस वाले मौसम में रेयॉन कॉटन जितनी ठंडक का एहसास नहीं देता। यदि इसकी गुणवत्ता अच्छी न हो, तो यह शरीर से चिपकने भी लगता है।मानसून फैशन के आसान टिप्स
अगर आपकी प्राथमिकता आराम, ठंडक और लंबे समय तक पहनने की सुविधा है, तो कॉटन बेहतर विकल्प है। यह पसीना अच्छी तरह सोखता है और पूरे दिन आरामदायक महसूस कराता है। वहीं, अगर आप स्टाइलिश और एलिगेंट लुक चाहते हैं, तो रेयॉन अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसका फ्लो और फिनिश कपड़ों को अधिक आकर्षक बनाता है। मानसून में कपड़ों का फैब्रिक ही नहीं, बल्कि उनका रंग, फिट और मोटाई भी काफी मायने रखती है। हल्के रंग इस मौसम में ज्यादा फ्रेश और आकर्षक लगते हैं। वहीं, ढीले-ढाले कपड़े पहनने से बारिश में भीगने के बाद भी असहज महसूस नहीं होता। बहुत मोटे या ज्यादा टाइट कपड़ों से बचना बेहतर रहता है।
ऑफिस से पार्टी तक सही कपड़े चुनें
अगर आप रोज ऑफिस, कॉलेज या बाहर के काम के लिए कपड़े पहनते हैं, तो कॉटन सबसे अच्छा विकल्प रहेगा। वहीं, पार्टी, मीटिंग, फंक्शन या आउटिंग के लिए रेयॉन बेहतर और स्टाइलिश लुक देता है। सबसे अच्छा तरीका यह है कि अपनी वॉर्डरोब में दोनों फैब्रिक को जगह दें। रोजमर्रा के लिए कॉटन और खास मौकों के लिए रेयॉन चुनें। साथ ही, हल्के रंगों और संतुलित कलर कॉम्बिनेशन वाले आउटफिट्स पहनें ताकि मानसून में आपका लुक भी शानदार दिखे और आराम भी बना रहे।जानें कॉटन और रेयॉन का निर्माण कैसे होता है
कॉटन फैब्रिक
कॉटन पूरी तरह प्राकृतिक रेशों से बनने वाला फैब्रिक है। इसे कपास के पौधे से प्राप्त रेशों से तैयार किया जाता है।
- खेतों से कपास की तुड़ाई की जाती है।
- रेशों को बीज से अलग कर अच्छी तरह साफ किया जाता है।
- इसके बाद रेशों को धागों में काता जाता है।
- अंत में धागों की बुनाई कर कॉटन का कपड़ा तैयार किया जाता है।
रेयॉन फैब्रिक
रेयॉन प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाले सेल्यूलोज से तैयार किया जाता है। इसके निर्माण में आधुनिक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है।
- लकड़ी के गूदे या बांस से सेल्यूलोज प्राप्त किया जाता है।
- सेल्यूलोज को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए घोल में बदला जाता है।
- इस घोल को बारीक छिद्रों से निकालकर धागों का रूप दिया जाता है।
- बाद में इन धागों की प्रोसेसिंग कर रेयॉन फैब्रिक बनाया जाता है।