20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे संसद का मॉनसून सत्र को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों के लिए नई ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। लुटियंस दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कारणों से कई मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही को रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए वे केवल बेहद जरूरी होने पर ही नई दिल्ली के इन चुनिंदा रास्तों का रुख करें।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार रफी मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, मौलाना आजाद रोड, के कामराज मार्ग, रायसीना रोड, राजेंद्र प्रसाद रोड, पार्लियामेंट स्ट्रीट, अशोका रोड, तालकटोरा रोड, पंडित पंत मार्ग और रकाबगंज गुरुद्वारा रोड पर गाड़ियों का सबसे ज्यादा दबाव रहेगा। इसके अलावा विजय चौक, बोट क्लब, पटेल चौक, रेल भवन, सुनहरी मस्जिद, बूटा सिंह और जीआरजी गोलचक्कर के पास सुरक्षा जांच और वीआईपी गाड़ियों के आने-जाने से रफ्तार काफी धीमी रह सकती है। इन सभी मुख्य पॉइंट पर पुलिस की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा
हर साल संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया जाता है, ताकि सांसदों और मंत्रियों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के हो सके। इस बार जंतर-मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और संसद मार्च के ऐलान को देखते हुए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए इस सत्र में संसद परिसर के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
किन रास्तों का करें इस्तेमाल?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मॉनसून सत्र के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और हालात के अनुसार किसी भी समय ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस ने लोगों की सहूलियत के लिए जनपथ, मान सिंह रोड, अकबर रोड, तीन मूर्ति मार्ग, शांति पथ, कमाल अतातुर्क मार्ग, पंचशील मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, मदर टेरेसा क्रेसेंट और सरदार पटेल मार्ग जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। किसी भी तरह की मदद या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1095, 011-25844444 और व्हाट्सएप नंबर 8750871493 जारी किया गया है।
आम जनता पर असर और ट्रैफिक से बचने के उपाय
नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के दफ्तरों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों पर इस नई व्यवस्था का सीधा असर पड़ेगा। सुबह और शाम के व्यस्त समय में गाड़ियों की लंबी कतारें लग सकती हैं। इससे बचने के लिए पुलिस ने लोगों को अपनी गाड़ियों की जगह दिल्ली मेट्रो या अन्य सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। मेट्रो और बसों का प्रयोग करने से सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और लोग सही समय पर अपने काम पर पहुंच सकेंगे।