मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे सुखद अनुभव होता है, लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य और आर्थिक जरूरतों की चुनौतियां भी सामने आती हैं। महासमुंद शहरी परियोजना क्षेत्र अंतर्गत पदमनी यादव और मधु यादव के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ऐसे समय में सहारा बनकर आई। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य जांच एवं बच्चों की देखभाल में मदद मिली।
महासमुंद नगर के वार्ड 11 की रहने वाली पदमनी यादव ने बताया कि वे जब गर्भावस्था में थीं तो उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं महिला बाल विकास विभाग की सेक्टर सुपरवाइजर शीला प्रधान ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी। आवश्यक पंजीयन के पश्चात उनकी पहली बेटी के जन्म के बाद उन्हें इस योजना के तहत 5 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने बच्चे के पोषण और बेहतर देखभाल में किया।
दूसरी हितग्राही को मिला डबल लाभ
इसी तरह वार्ड 11 की ही मधु यादव को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का डबल लाभ मिला। पहले बच्चे के जन्म के समय उन्हें 5 हजार रुपए और फिर बेटी के जन्म के बाद 6 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता योजना के माध्यम से प्रदान की गई। उनका कहना है कि इस सहायता ने मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाने में उन्हें आत्मविश्वास और संबल प्रदान किया। पदमनी यादव और मधु यादव दोनों ही अपने बच्चों का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर रही हैं और इस योजना को महत्वपूर्ण सहयोग मानती हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने आर्थिक सहारा देकर उनके मातृत्व अनुभव को और भी सहज बनाया है।जिले में व्यापक स्तर पर लाभान्वयन
महासमुंद शहरी क्षेत्र में अब तक 321 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जबकि जिले में कुल मिलाकर लगभग 27 हजार महिलाओं को इस योजना के माध्यम से लाभान्वित किया गया है।
