रायपुर नगर निगम के ज़ोन-10 में सियासी तनाव उस समय बढ़ गया जब भाजपा के 6 पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के ज़ोन अध्यक्ष के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। इन पार्षदों ने एकजुट होकर महापौर मीनल चौबे सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लिखित शिकायत सौंपी है। इसमें ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है। पार्षदों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तो वे ज़ोन कार्यालय में तालाबंदी कर उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ज़ोन अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप
शिकायत करने वाले पार्षदों ने ज़ोन अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।पार्षदों का कहना है कि सचिन मेघानी लगातार दूसरे वार्डों के मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके अलावा उन पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने और नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाने के भी आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के चलते ज़ोन-10 का प्रशासनिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। सूत्रों के अनुसार इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह बोरियाकला क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल पर होने वाली निगम कार्रवाई को रुकवाना बताया जा रहा है।
महापौर मीनल चौबे का बयान
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि ज़ोन अध्यक्ष को हटाने के संबंध में पार्षदों का एक लिखित मांग पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर विचार किया जाएगा और संगठनात्मक स्तर पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। सचिन मेघानी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक किसी भी आधिकारिक पत्राचार की जानकारी नहीं मिली है। जैसे ही संगठन या पार्टी नेतृत्व उनसे जानकारी मांगेगा, वे पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ज़ोन के सभी पार्षद एक परिवार की तरह हैं और संभव है कि यह विवाद बाहरी प्रभाव या गलतफहमी का परिणाम हो।भाजपा के भीतर खुला टकराव
रायपुर नगर निगम के ज़ोन-10 में राजनीतिक तनाव उस समय तेज हो गया जब भाजपा के 6 पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने सामूहिक रूप से महापौर मीनल चौबे और पार्टी नेतृत्व को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें ज़ोन अध्यक्ष को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है। पार्षदों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे ज़ोन कार्यालय में तालाबंदी और उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।
विवाद का केंद्र
इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह बोरियाकला क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल पर होने वाली कार्रवाई को रोके जाने का मामला बताया जा रहा है। दसूत्रों के अनुसार इसी मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच करीब 2 घंटे तक बंद कमरे में अहम बैठक हुई, जिसमें स्थिति को नियंत्रित करने पर चर्चा हुई। इस घटना ने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक रूप दे दिया है ।मामला अब सीधे पार्टी संगठन तक पहुंच गया है। पार्षदों की शिकायत के बाद भाजपा नेतृत्व से इस पर हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि क्या इस विवाद का समाधान संगठनात्मक स्तर पर किया जाएगा या फिर प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।समीकरण हुए और जटिल
चूंकि ज़ोन अध्यक्ष को रायपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल का करीबी माना जाता है, इसलिए यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। इस कारण पार्टी के भीतर गुटीय तनाव और नेतृत्व स्तर पर असंतुलन की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा के अंदरूनी शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है। महापौर मीनल चौबे ने कहा है कि पार्षदों की ओर से ज़ोन अध्यक्ष को हटाने की मांग का पत्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और पार्टी व प्रशासनिक स्तर पर चर्चा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
