मुंबई लोकल के फर्स्ट क्लास डिब्बे में हुए मयंक लोहार हत्याकांड के आरोपी रोशन सुवर्णा ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस हिरासत में आरोपी रोशन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि ट्रेन में जब दरवाजा खोलने को लेकर विवाद हुआ, तब बाकी सहयात्रियों ने मयंक का साथ दिया था। रोशन के मुताबिक, यात्रियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसे अपमानित करके दूसरे गेट की तरफ हटा दिया। इस घटना से वह खुद को बेहद बेइज्जत महसूस कर रहा था और उसने इस पूरे अपमान का जिम्मेदार मयंक को मान लिया। इसी गुस्से और बदले की सनक में उसने गोरेगांव और मलाड स्टेशन के बीच अपने बैग से बड़ा चाकू निकाला और मयंक के सीने और पेट पर वार कर दिए।
कट्टा जैसा धारदार चाकू ऑनलाइन खरीदा था
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया कट्टा जैसा बड़ा और धारदार चाकू आरोपी ने कुछ दिनों पहले ऑनलाइन मंगवाया था। वारदात को अंजाम देकर वह बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन से कूदा, वहां से ऑटो पकड़कर मीरा-भयंदर स्थित अपने घर पहुंचा और बिना किसी को कुछ बताए कर्नाटक में अपने गृहनगर भागने की तैयारी में जुट गया। हालांकि, बोरीवली रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और उसकी लोकेशन ट्रैक करके उसे पनवेल रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया। रोशन एक निजी संस्था के लिए बारकोड बनाने का काम करता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वारदात के वक्त वह किसी तरह के नशे में था।
