नगर पालिका परिषद आरंग में विकास कार्यों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। वार्ड क्रमांक 13 में बनने वाले मिनी माता स्मृति भवन का निर्माण कार्य कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। इस मामले को लेकर अब नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला कलेक्टर रायपुर को शिकायत पत्र सौंपा है।
निर्देशों के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार 8 मई 2026 को आयोजित समस्या समाधान शिविर में सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मिनी माता स्मृति भवन का निर्माण कार्य बंद होने की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अधिकारियों को दो दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि संबंधित ठेकेदार निर्धारित समय में काम शुरू नहीं करता है तो उसका ठेका निरस्त कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए।कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही ठेकेदार के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई की गई।
अध्यक्ष ने लगाए आरोप
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन का आरोप है कि मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इससे जनता में शासन और प्रशासन के प्रति असंतोष का माहौल है। अध्यक्ष ने अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है और महत्वपूर्ण मामलों में परिषद को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है।
आवास आबंटन प्रक्रिया पर सवाल
डॉ. संदीप जैन ने एएचपी योजना के तहत आवास आबंटन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि आवास आबंटन की प्रक्रिया अध्यक्ष की अनुपस्थिति में पूरी कर ली गई, जो जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत है। नगर पालिका अध्यक्ष ने वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उनके अनुसार 16 मार्च 2026 को बजट की प्रति उपलब्ध कराने के लिए लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक उन्हें बजट दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका का वार्षिक बजट परिषद की बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार 31 मार्च तक इसकी स्वीकृति प्राप्त की जानी चाहिए थी।
कलेक्टर से जांच मांग
डॉ. संदीप जैन ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि शासन के निर्देशों, परिषद के निर्णयों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका की लगातार अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में संतोषजनक जवाब और कार्रवाई नहीं होती है तो पूरी जानकारी शासन स्तर तक भेजी जाएगी।
नगर पालिका
मिनी माता स्मृति भवन निर्माण कार्य, आवास आबंटन प्रक्रिया और बजट विवाद को लेकर उठे सवालों ने अब नगर पालिका की कार्यप्रणाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
