Sunday, 08 Nov 2026 भारत
W 𝕏 f
होम › नागद्वारी मेला : सतपुड़ा के घने जंगलों में सुरक्ष…
नागद्वारी मेला मार्ग का निरीक्षण करते हुए
नागद्वारी मेला मार्ग का निरीक्षण करते हुए

नागद्वारी मेला : सतपुड़ा के घने जंगलों में सुरक्षा सख्त, कलेक्टर ने खुद पैदल नापे दुर्गम रास्ते 

प्रशासनिक मुस्तैदी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए कलेक्टर सोमेश मिश्रा और एसपी साई कृष्ण एस. थोटा ने अधिकारियों की टीम के साथ जलगली, नागफनी और स्वर्गद्वार जैसे अत्यंत दुर्गम, पथरीली और जंगली रास्तों पर कई किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर सघन निरीक्षण किया।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 20 Jun 2026, 05:33 PM · अपडेट: 02 Nov 2026, 09:17 PM
मध्यप्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

मध्य प्रदेश के मिनी अमरनाथ के रूप में मशहूर सुप्रसिद्ध नागद्वारी गुफा की वार्षिक यात्रा को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है। इस साल अगस्त में नागपंचमी के खास मौके पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक नागद्वारी मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत को देखते हुए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि दुर्गम रास्तों पर भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने खुद पैदल नापे दुर्गम रास्ते

मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए नर्मदापुरम के कलेक्टर सोमेश मिश्रा खुद एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों की एक हाई-लेवल टीम के साथ खुद कई किलोमीटर की कठिन और पथरीली राहों पर पैदल ट्रैकिंग की। कलेक्टर ने मंदिर मार्ग से लेकर पूरे मेला क्षेत्र का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने साफ लफ्जों में अधिकारियों को हिदायत दी कि यहाँ आने वाले देश-भर के श्रद्धालुओं के लिए बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजामों में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मूलभूत सुविधाएं चौबीस घंटे दुरुस्त रहनी चाहिए।

घने जंगलों के बीच आस्था की सबसे कठिन परीक्षा

पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के बेहद घने जंगलों के बीच होने वाला यह मेला सूबे के सबसे बड़े और जोखिम भरे धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। यात्रा की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (SP) साई कृष्ण एस. थोटा को खुद जलगली, नागफनी, कालाझाड़, चिंतामन और स्वर्गद्वार जैसे जान जोखिम में डालने वाले बेहद संकरे और कठिन रास्तों से गुजरना पड़ा। 

रास्तों की मरम्मत से लेकर विश्राम स्थल तक सब होगा चकाचक

यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (PWD), वन विभाग और बिजली कंपनी को सख्त समय-सीमा (डेडलाइन) दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम को देखते हुए ट्रैकिंग रूट को तुरंत सुधारा जाए, जगह-जगह रास्तों पर इंडिकेशन (संकेतक) बोर्ड लगाए जाएं और श्रद्धालुओं के रुकने के लिए सुरक्षित विश्राम स्थल तैयार किए जाएं।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें