कोरिया जिले के नौगई गांव में भाजपा नेता लल्लन सिंह समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या के मामले में अब उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। सोमवार को विभिन्न राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर में प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में कन्नौजिया क्षत्रिय समाज और राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि नौगई अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि हत्या के आरोपियों के स्थानीय विधायक से करीबी संबंध बताए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री विजय शर्मा से आग्रह किया कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार जल्द निर्णय लेकर संबंधित जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करे। समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो राजपूत समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान कन्नौजिया क्षत्रिय समाज के प्रदेशाध्यक्ष आनंद बल्लभ सिंह, राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष आलोक सिंह परिहार, शिवप्रताप सिंह, राणाप्रताप सिंह, हरिकपूर सिंह, आशीष सिंह, उमाकांत सिंह, प्रफुल्ल सिंह,निवास सिंह सहित समाज के कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।गौरतलब है कि सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था।

फॉर्च्यूनर में लगाई आग
ताया जाता है कि रेत के अवैध खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था।
इसी विवाद ने 16 जून की देर रात हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि उस रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को उनके घर के पास घेर लिया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन खड़े कर रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे वाहन कुछ ही देर में आग की लपटों में घिर गया।
तीन की मौत, कई घायल
उस समय कार में भरत सिंह, उनके भाई एवं शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। आग लगने से भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह किसी तरह कार से बाहर निकलने में सफल हुए। आरोप है कि बाहर निकलते ही उन पर हमला कर बेरहमी से मारपीट की गई। विरेंद्र सिंह के गले पर फरसे से वार किया गया।