छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरजी, बीएसएफ और बम निरोधक दस्ता (BDS) की संयुक्त टीम ने हेटारकसा, पल्लाहुर और जपमारका के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाकर भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की है।
यह क्षेत्र कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा से लगा हुआ है। संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को नक्सलियों के एक डंप का पता चला। तलाशी में 3 किलोग्राम क्षमता का आईईडी, एक बीजीएल लॉन्चर, AK-47 की 30 गोलियां, SLR की 4 गोलियां, 2 पाइप बम समेत अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई।
जंगल में मिला नक्सली भंडार
बरामद विस्फोटक सामग्री को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्ता (BDS) ने मौके पर ही आईईडी और पाइप बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। सुरक्षाबलों का क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अभियान को और तेज कर दिया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में भी पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। बारसूर थाना क्षेत्र के तोड़मा गांव के जंगल में पुलिस ने एक बड़े नक्सली डंप का खुलासा किया है। यह कार्रवाई एक आत्मसमर्पित नक्सली से मिली जानकारी के आधार पर की गई।जमीन में दबा ड्रम मिला, नक्सली सामान बरामद
सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान जवानों को जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया एक ड्रम मिला। जांच करने पर ड्रम के अंदर बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद हुई। नक्सलियों ने इसे बेहद गोपनीय तरीके से जमीन में दबाकर रखा था। पुलिस के अनुसार, बरामद डंप से सोने के बिस्किट, नकद राशि, हथियार, बंदूक, कारतूस और रोजमर्रा के उपयोग की अन्य सामग्री मिली है। सुरक्षा बलों ने सामान को जब्त कर लिया है और इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।