काउंसलिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और च्वाइस फिलिंग: 5 सितंबर से प्रक्रिया जारी है। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 8 सितंबर रात 11:59 बजे तक निर्धारित की गई है।
च्वाइस लॉकिंग (Choice Locking): उम्मीदवारों को अपने मनपसंद कॉलेज और कोर्स का चयन कर उसे 9 सितंबर रात 11:59 बजे तक लॉक करना अनिवार्य होगा।
इन 3 अहम नियमों का रखें विशेष ध्यान
पुरानी च्वाइस रद्द, नए सिरे से भरें विकल्प संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि प्रथम चरण में अभ्यर्थियों द्वारा भरी गई च्वाइस फिलिंग अब पूरी तरह शून्य (रद्द) हो चुकी है। भले ही आपने पहले दौर में भाग लिया हो, लेकिन दूसरे चरण में सीट पाने के लिए कॉलेजों की सूची नए सिरे से भरना अनिवार्य है। यदि आप नए विकल्प दर्ज नहीं करते हैं, तो आपको इस राउंड की सीट आवंटन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
पहले चरण में प्रवेश ले चुके छात्रों को अपग्रेडेशन का मौका जिन छात्रों ने प्रथम राउंड में आवंटित सीट पर एडमिशन ले लिया है, वे अपनी सीट अपग्रेड कराने के पात्र हैं। इसके लिए काउंसलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके पहले 'अपग्रेडेशन' की सहमति (Consent) देनी होगी और फिर नए सिरे से कॉलेजों का विकल्प चुनना होगा। बिना सहमति दर्ज किए आप अपग्रेडेशन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकेंगे।
सीट छोड़ी तो सिक्योरिटी मनी होगी जब्त दूसरे चरण में यदि आपको कोई सीट आवंटित होती है और आप उस पर दाखिला नहीं लेते या बाद में सीट छोड़ देते हैं, तो आपकी जमा की गई सुरक्षा निधि (Security Deposit) जब्त कर ली जाएगी। इसलिए च्वाइस फिलिंग करते समय केवल उन्हीं संस्थाओं का चयन करें जहां आप सचमुच पढ़ाई करने के इच्छुक हैं।
काउंसलिंग औपचारिकताएं खुद पूरी करें
जो छात्र पहली बार निजी (Private) मेडिकल कॉलेजों का विकल्प अपनी च्वाइस सूची में जोड़ रहे हैं, उन्हें निर्धारित अतिरिक्त सुरक्षा राशि का भुगतान करना होगा। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे काउंसलिंग से जुड़ी सभी औपचारिकताएं खुद ही पूरी करें ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। सीटों का अंतिम आवंटन मेरिट, अभ्यर्थियों की पसंद और उपलब्ध खाली सीटों के आधार पर किया जाएगा।

