Tatkal Ticket Black Marketing: छत्तीसगढ़ में तत्काल टिकटों के काले कारोबार के तार अब सीधे रेलवे के अंदरूनी तंत्र से जुड़ते दिख रहे हैं। भारतीय रेलवे के तत्काल टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले में हुई ताजा कार्रवाई में RPF की अंबिकापुर टीम ने रायपुर के माना इलाके से मुख्य टिकट दलाल प्रेम दुबे को दबोच लिया है। आरोपी से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद जो जानकारियां सामने आई हैं, उन्होंने रेलवे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जांच में यह साफ हुआ है कि दलाल प्रेम दुबे का नेटवर्क आरक्षण केंद्रों (Reservation Counters) के भीतर तक फैला हुआ था।
RPF के हाथ लगी कर्मचारियों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री
RPF को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं जिनसे साबित होता है कि आरक्षण खिड़की पर तैनात कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में सीधे तौर पर शामिल थे। जांच में सबसे बड़ा खुलासा वित्तीय लेन-देन को लेकर हुआ है। RPF के हाथ कुछ रेलवे कर्मचारियों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी लगी है। चालाकी यह की गई थी कि घूस या कमीशन का पैसा कर्मचारियों ने सीधे अपने खातों में न लेकर अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में मंगवाया था।
सिंडिकेट का दायरा एक-दो शहरों तक सीमित नहीं
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में बिलासपुर और रायपुर रेल मंडल के कई कर्मचारियों पर जल्द ही गिरफ्तारी की गाज गिर सकती है। अंबिकापुर RPF की टीम जब आरोपी प्रेम दुबे को गिरफ्तार करने रायपुर पहुंची, तो वह दिनभर पुलिस को गच्चा देने की कोशिश करता रहा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में छिपते-छिपाते भाग रहे आरोपी को RPF ने आखिरकार ट्रैक कर लिया और माना इलाके से धर दबोचा। इस सिंडिकेट का दायरा केवल एक-दो शहरों तक सीमित नहीं था।कूरियर के जरिए एजेंटों तक पहुंचते थे टिकट
आरोपी देशभर के दर्जनों टिकट दलालों के संपर्क में था। वह छत्तीसगढ़ के अलग-अलग आरक्षण केंद्रों से सांठ-गांठ कर तत्काल टिकट बनवाता था और फिर उन्हें कूरियर के जरिए ओडिशा समेत देश के अन्य राज्यों के एजेंटों को भेजता था। RPF अब उन सभी अधिकृत टिकट एजेंटों की सूची तैयार कर रही है, जो इस दलाल के जरिए अवैध टिकट खरीद रहे थे।
समन भेजकर पूछताछ शुरू
मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि इस मामले से जुड़ा एक संदिग्ध रेलवे कर्मचारी अपने सहयोगियों के बीच यह दावा कर रहा था कि RPF के आला अधिकारियों के साथ 'सेटिंग' हो चुकी है और अंबिकापुर RPF कोई बड़ी कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, जब सबूत सामने आए तो कर्मचारी का यह झांसा धरा का धरा रह गया और RPF ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारियों को समन भेजकर पूछताछ शुरू कर दी है।

