लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले के सभी कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, हॉस्टल और बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसी क्रम में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के कई संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं होने की बात सामने आई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लाइब्रेरी और दो होटलों को सील कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षण संस्थानों का किया औचक निरीक्षण
राजस्व विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने मंगला चौक से उस्लापुर तक संचालित विभिन्न कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दिल्ली आईएएस अकादमी, ऑफिसर्स लाइब्रेरी, उड़ान आईएएस, 24×7 लाइब्रेरी, शिवांश कोचिंग सेंटर, बिलासा लाइब्रेरी सहित कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने भवनों में प्रवेश और निकास व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन मार्ग, विद्युत सुरक्षा, भवन की क्षमता और छात्रों के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपायों की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान संस्थान संचालकों को सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
फायर सेफ्टी जांच में गंभीर लापरवाहियां
सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि जांच के दौरान कई बड़े कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के आवश्यक उपकरण नहीं मिले और कई भवनों में आपातकालीन निकासी की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसे संस्थानों को सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। इस अवधि में फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, चेतावनी संकेतक, विद्युत सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। यदि तय समय सीमा के भीतर कमियों को दूर नहीं किया गया, तो संबंधित संस्थानों को सील करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे संस्थानों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।
कार्रवाई की जद में, अभियान रहेगा जारी
फायर सेफ्टी अभियान के दौरान पुराने बस स्टैंड क्षेत्र स्थित होटल रॉयल राम और होटल अशोका इन का भी निरीक्षण किया गया। जांच में दोनों होटल बिना आवश्यक अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था के संचालित पाए गए। सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मिलने पर प्रशासन ने दोनों होटलों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि होटल, लॉज, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा और जहां भी नियमों की अनदेखी मिलेगी, वहां बिना किसी पूर्व सूचना के सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।