छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (PPR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया और प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है
सरकार से स्वीकृति और उच्च स्तरीय अनुमोदन
रायपुर परियोजना का विशेष महत्व
राजधानी रायपुर की परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप विकसित की जाएगी। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकास से आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा और शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
इस मॉडल के तहत जर्जर और अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होगा।
निजी डेवलपर्स के लिए अवसर
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव का वक्तव्य
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति विकसित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि शहरी कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर की परियोजना राजधानी के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी।
आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
