खरीफ सीजन में जब खेतों को सबसे ज्यादा खाद की जरूरत है, तब आरंग क्षेत्र के किसान सोसायटियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हालत यह है कि एक ओर किसानों को पोटाश और DAP नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर विपणन संघ के छतौना (मंदिर हसौद) स्थित डबल लॉक गोदाम में करीब 30 टन पोटाश पिछले 15 से 20 दिनों से पड़ा हुआ है। वजह सिर्फ इतनी है कि विभाग ने अब तक इसकी ऑनलाइन एंट्री नहीं की है।
खाद उपलब्ध होने के बावजूद पोर्टल पर स्टॉक अपडेट नहीं होने से सोसायटियों को आवंटन नहीं मिल पा रहा। नतीजा यह है कि किसान हर दिन उम्मीद लेकर सोसायटियों पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौट रहे हैं।
किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि इस समय धान की फसल के लिए DAP और पोटाश दोनों की सबसे ज्यादा जरूरत है। पहले से ही DAP की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम है, ऊपर से गोदाम में रखा पोटाश भी विभागीय लापरवाही के कारण किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा।
मंदिर हसौद बैंक शाखा के अंतर्गत आने वाली गोढ़ी, तोड़गांव, गनौद, मंदिर हसौद, पलौद, बरौदा, टेकारी और खुटेरी सहित आठ सोसायटियों में करीब 800 बोरी पोटाश की तत्काल जरूरत बताई जा रही है। चंदखुरी शाखा की सात सोसायटियों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। किसान रोज खाद मिलने की उम्मीद में पहुंचते हैं, लेकिन निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि यदि गोदाम में उपलब्ध पोटाश को समय पर ऑनलाइन दर्ज कर सोसायटियों तक भेज दिया जाए तो किसानों को तत्काल राहत मिल सकती है। उन्होंने प्रशासन से DAP की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द खाद की व्यवस्था नहीं की गई तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा। समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।