भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले मई महीने में हुए सैन्य संघर्ष और उसके बाद शुरू हुई सियासत में एक बड़ा मोड़ आ गया है। पहलगाम हमले के बाद भड़के इस तनाव में भारतीय सेना ने सीमा पार करारी चोट दी थी। हालांकि, उस वक्त पाकिस्तान की ओर से कई तरह के हवाई दावे किए गए थे, जो वक्त के साथ खोखले साबित होते गए। लेकिन अब भारतीय वायुसेना (IAF) के एक आधिकारिक दस्तावेज ने पाकिस्तान के 'ऑपरेशन सिंदूर' के दावों की पूरी पोल खोलकर रख दी है। इस खुलासे के बाद देश के भीतर भी सियासी पारा चढ़ गया है और बीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधे निशाने पर ले लिया है।
क्या था पूरा मामला और राहुल गांधी का वह बयान?
पिछले साल संघर्ष थमने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की घेराबंदी करते हुए सवाल उठाया था कि इस पूरे टकराव के दौरान भारत के कितने राफेल जेट मार गिराए गए हैं? राहुल गांधी ने तब सरकार पर सच छिपाने का आरोप भी मढ़ा था। लेकिन अब वायुसेना के ताजा दस्तावेज सामने आने के बाद उनका यही पुराना बयान खुद कांग्रेस के लिए गले की फांस बनता दिख रहा है।
पाकिस्तान ने दावा किया था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उसने भारत के आधुनिक राफेल विमानों को मार गिराया है, जिसे अब भारतीय वायुसेना के मेंटेनेंस ऑर्डर ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
वायुसेना के दस्तावेज ने कैसे साफ की तस्वीर?
बीजेपी का तीखा हमला: 'पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा क्यों बढ़ा रहे थे आगे?'
इस खुलासे को हथियार बनाकर बीजेपी अब कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी से देश के सामने माफी मांगने की मांग की है।
प्रदीप भंडारी ने सीधे शब्दों में कहा:
"वायुसेना का मेंटेनेंस ऑर्डर दूध का दूध और पानी का पानी कर चुका है। हमारा एक भी राफेल नहीं गिरा। ऐसे में अब राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने जानबूझकर पाकिस्तान के झूठे एजेंडे और उसकी लाइन को देश के भीतर आगे बढ़ाना क्यों सही समझा?"
बीजेपी प्रवक्ता ने यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी का यह रवैया नया नहीं है। वे पहले भी कई संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर इस तरह के बयान देकर सेना के शौर्य और सरकार की नीयत पर सवाल उठाते रहे हैं।
फिलहाल, वायुसेना के इस तकनीकी दस्तावेज के सामने आने के बाद रक्षा गलियारों में जहां पाकिस्तान की थू-थू हो रही है, वहीं घरेलू राजनीति में राहुल गांधी के पुराने बयानों को लेकर कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है।