भारतीय पैरा एथलेटिक्स के स्टार खिलाड़ी सुमित अंतिल ने एक बार फिर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है। दो बार के पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुमित ने बेंगलुरु में आयोजित 8वें इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 कैटेगरी में 74.82 मीटर दूर भाला फेंककर नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया।
सातवीं बार तोड़ा विश्व रिकॉर्ड
सुमित अंतिल ने इससे पहले 2022 एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने 74.82 मीटर का विशाल थ्रो कर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार यह उनके करियर में सातवीं बार है जब उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
बेंगलुरु में सुमित का दबदबा
प्रतियोगिता के दौरान सुमित शुरू से ही बाकी खिलाड़ियों पर भारी नजर आए। उनके सामने बाकी प्रतिस्पर्धी काफी पीछे रह गए। महाराष्ट्र के संदीप सरगर ने 62.88 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि संदीप ने 61.83 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता। सुमित का यह प्रदर्शन केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व पैरा एथलेटिक्स के लिए भी बड़ा संकेत है। उनकी लगातार स्थिरता और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक पैरा जैवलिन खिलाड़ियों में शामिल कर चुका है।
दो बार जीत चुके हैं पैरालंपिक गोल्ड
हरियाणा के सोनीपत से आने वाले सुमित अंतिल पहले ही पैरालंपिक इतिहास में भारत का बड़ा नाम बन चुके हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में पुरुषों की F64 जैवलिन स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने 70.59 मीटर का थ्रो कर पैरालंपिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।
दुर्घटना के बाद बदली जिंदगी
सुमित की कहानी संघर्ष और प्रेरणा का बड़ा उदाहरण है। वह पहले पहलवान बनना चाहते थे और भारतीय सेना में शामिल होने का सपना देखते थे। लेकिन वर्ष 2015 में एक सड़क दुर्घटना में उनका बायां पैर गंवाना पड़ा। इस हादसे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। इसके बाद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा और जैवलिन थ्रो को अपना करियर बनाया। कठिन मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने कुछ ही वर्षों में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना ली।
भारतीय पैरा खेलों का बड़ा दबदबा
आज सुमित अंतिल केवल खिलाड़ी नहीं बल्कि भारतीय पैरा स्पोर्ट्स की नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एशियन पैरा गेम्स और पैरालंपिक जैसे बड़े मंचों पर भारत के लिए कई मेडल जीते हैं। उन्हें खेल रत्न और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
80 मीटर का लक्ष्य
सुमित अब 80 मीटर का आंकड़ा पार करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए आने वाले वर्षों में वह यह उपलब्धि भी हासिल कर सकते हैं।
भारतीय पैरा एथलेटिक्स
बेंगलुरु में आयोजित इस चैंपियनशिप में कई अन्य भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। हाई जंप T64 स्पर्धा में प्रवीण कुमार ने 2.00 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड जीता, जबकि वरुण सिंह भाटी ने सिल्वर मेडल हासिल किया। महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में दीप्ति जीवनजी ने 57.84 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता।
देशभर में खुशी
सुमित के नए विश्व रिकॉर्ड के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। खेल प्रेमियों ने इसे भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताया है। कई लोगों ने उन्हें “भारत का पैरा जैवलिन किंग” तक कहा।
भविष्य की बड़ी उम्मीद
भारतीय खेल जगत को उम्मीद है कि सुमित आने वाले विश्व चैंपियनशिप और पैरालंपिक में भी भारत के लिए कई और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करेंगे। जिस तरह वह लगातार अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, उससे साफ है कि उनका सफर अभी और ऊंचाइयों तक जाने वाला है।
