बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित गांव सुकड़ीगुहान में पेयजल आपूर्ति की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। यहां सोलर जलापूर्ति प्रणाली, आयरन रिमूवल प्लांट से जुड़ी टंकी तथा दो बोरवेल में स्थापित मोटर पंपों के माध्यम से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत घरों में लगाए गए नल कनेक्शनों से भी ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध हो रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और डौंडीलोहारा जनपद पंचायत के अधिकारियों ने आज सुकड़ीगुहान का दौरा कर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सरपंच कौशल्या ठाकुर एवं ग्रामीणों के साथ गांव का भ्रमण किया और जल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।
अधिकारियों ने दिए आवश्यक निर्देश
अधिकारियों ने सरपंच कौशल्या बाई ठाकुर से नलों में नई टोंटी लगाने, नालियों में झरिया (ड्रेन व्यवस्था) विकसित करने तथा पंचायत में उपलब्ध पानी टैंकर को आवश्यकता पड़ने पर गांव में भेजने के संबंध में चर्चा की। इस पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। वर्तमान में सुकड़ीगुहान गांव में पेयजल संकट की कोई स्थिति नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर आपूर्ति के लिए ग्राम पंचायत सिंघोला में पानी टैंकर उपलब्ध है, जिसे विशेष परिस्थितियों में तुरंत गांव में भेजा जा सकता है।
बोरवेल से सुचारू जल आपूर्ति जारी
बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सिंघोला के आश्रित गांव सुकड़ीगुहान में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है। गांव में स्थापित सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणाली, आयरन रिमूवल प्लांट से जुड़ी टंकी और दो बोरवेल में लगे मोटर पंपों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन से भी ग्रामीणों को पानी उपलब्ध हो रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं डौंडीलोहारा जनपद पंचायत के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर पेयजल व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सरपंच कौशल्या ठाकुर और ग्रामीणों के साथ मिलकर जल आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति देखी और आवश्यक जानकारी ली।ग्रामीणों की समस्या
ग्रामीणों ने निरीक्षण दल को बताया कि गांव में जल स्रोत पर्याप्त हैं, लेकिन कई स्थानों पर नलों में टोंटी नहीं लगी है या पूर्व में लगी टोंटी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके कारण पानी लगातार बहता रहता है। साथ ही कुछ स्थानों पर बच्चों द्वारा टोंटी तोड़ दिए जाने से स्थिति और भी प्रभावित हुई है, जिससे जल का दुरुपयोग बढ़ रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सरपंच से नलों में नई टोंटी लगाने, जल निकासी के लिए नालियों में झरिया निर्माण करने तथा पंचायत के पानी टैंकर का आवश्यकता अनुसार उपयोग सुनिश्चित करने पर चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और व्यवस्था सुधार को प्राथमिकता दी जाए।
