फीफा वर्ल्ड कप 2026 की सह-मेजबानी कर रहे उत्तरी अमेरिकी देशों ने टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं। जहाँ एक तरफ अमेरिका (USA) ने अपने घरेलू मैदान पर पराग्वे को बुरी तरह रौंदकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज़ किया, वहीं दूसरी तरफ कनाडा ने बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ आखिरी मिनटों में चमत्कारिक वापसी करते हुए विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक (Point) दर्ज करा लिया है।
फोलारिन बालोगुन का जादू, अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से रौंदा
मेजबान अमेरिका ने टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में पराग्वे को हर मोर्चे पर पछाड़ते हुए 4-1 से एकतरफा जीत दर्ज की। पूरे मैच में अमेरिकी टीम का दबदबा इस कदर था कि पराग्वे के खिलाड़ियों को वापसी का कोई मौका ही नहीं मिला।
मैच का टर्निंग पॉइंट और गोल का सफर
7वां मिनट (शुरुआती झटका): मैच शुरू होते ही पराग्वे के डिफेंडर डैमियन बोबाडिला भारी दबाव में आ गए और उन्होंने अपनी ही टीम के खिलाफ ओन-गोल (Own-goal) दाग दिया। अमेरिका को मुफ्त में 1-0 की बढ़त मिल गई।
31वां मिनट (बालोगुन का पहला शो): स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन ने अपनी ड्रिब्लिंग स्किल्स से पराग्वे के डिफेंस को छकाया और शानदार मैदानी गोल दागकर बढ़त को 2-0 कर दिया।
पहले हाफ का इंजरी टाइम (3-0): बालोगुन यहीं नहीं रुके। पहले हाफ के खत्म होने ठीक पहले उन्होंने एक और दमदार शॉट खेलकर गेंद को नेट में डाल दिया और अमेरिका को 3-0 की अजेय बढ़त दिला दी।
73वां मिनट (पराग्वे की सांत्वना): दूसरे हाफ में पराग्वे ने कुछ आक्रामकता दिखाई। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मॉरीसियो ने गोल कर स्कोर 3-1 किया, लेकिन यह सिर्फ हार के अंतर को कम करने जैसा था।
स्टॉपेज टाइम (ताबूत में आखिरी कील): मैच खत्म होने की आखिरी सीटी बजने से ठीक पहले गियोवानी रेयना ने पराग्वे के थके हुए डिफेंस को भेदते हुए चौथा गोल (4-1) दागा और अमेरिका की ब्लॉकबस्टर जीत पर मुहर लगा दी।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड: फोलारिन बालोगुन इस मैच में दो गोल दागकर साल 1930 के बाद फीफा वर्ल्ड कप के किसी एक मैच में दो या उससे अधिक गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए हैं।
बोस्निया को 1-1 पर रोका, रचा इतिहास
टोरंटो स्टेडियम में खेले गए ग्रुप स्टेज के एक अन्य रोमांचक मुकाबले में सह-मेजबान कनाडा ने हार के जबड़े से जीत जैसी बराबरी छीन ली। कनाडा ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 1-1 की बराबरी पर रोककर विश्व कप इतिहास का अपना पहला पॉइंट हासिल किया।
लगातार 6 हार के बाद मिला पहला 'अमृत'
कनाडा का यह तीसरा फीफा विश्व कप है। इससे पहले खेले गए अपने सभी 6 मैचों में टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार घरेलू दर्शकों के सामने टीम ने इतिहास बदल दिया।
कैसे पलटा मैच का पासा:
21वां मिनट (बोस्निया आगे): बोस्निया ने आक्रामक शुरुआत की। सीड कोलासिनाक से मिले बेहतरीन पास पर जोवो लुकिक ने बुलेट हेडर लगाकर बोस्निया को 1-0 से आगे कर दिया।
कनाडा का संघर्ष: दूसरे हाफ में कनाडा ने गेम की रफ्तार बढ़ाई। ओलुवासेयी का हेडर लाइन से क्लियर हुआ और रिची लारिया के गोल के प्रयास को भी बोस्नियाई डिफेंस ने नाकाम कर दिया। दूसरी तरफ, कनाडा के गोलकीपर मैक्सिम क्रेप्यू ने एर्मेडिन डेमिरोविच के एक निश्चित गोल को रोककर कनाडा की उम्मीदों को जिंदा रखा।
76वां मिनट (कोच जेसी मार्श का 'मास्टरस्ट्रोक'): जब कनाडा हार की कगार पर था, तब कोच जेसी मार्श ने बड़ा दांव खेलते हुए साइल लारिन को मैदान पर उतारा।
78वां मिनट (लारिन का धमाका): मैदान पर आने के ठीक दो मिनट बाद, प्रोमिस डेविड के जादुई पास को साइल लारिन ने बॉक्स के अंदर कंट्रोल किया और गेंद को सीधे गोलपोस्ट में डाल दिया। पूरा टोरंटो स्टेडियम 'कनाडा-कनाडा' के नारों से गूंज उठा।
आज के मैचों का संक्षिप्त स्कोरकार्ड
| टीम (Team A) | स्कोर | टीम (Team B) | मुख्य आकर्षण |
| अमेरिका 🇺🇸 | 4 - 1 | पराग्वे 🇵🇾 | बालोगुन (2 गोल), रेयना (1 गोल) |
| कनाडा 🇨🇦 | 1 - 1 | बोस्निया 🇧🇦 | साइल लारिन (78वें मिनट में गेम चेंजर गोल) |
