अगर आप इस सावन के पावन महीने में परिवार संग जतमई, घटारानी, राजिम, तुरतुरिया या धाम जैसे प्राकृतिक व धार्मिक स्थलों पर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़े सतर्क हो जाइए। इन दिनों पर्यटन और दर्शन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, और इसी भीड़ का फायदा उठाने के लिए अंतरराज्यीय गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में जतमई धाम में हुई एक वारदात ने वहां पहुंचे सैलानियों और भक्तों के होश उड़ा दिए हैं। रायपुर जिले के आरंग (ग्राम परसदा) की रहने वाली 55 वर्षीया नैमिन चंद्राकर 9 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे अपने परिवार के साथ जतमई धाम दर्शन करने पहुंची थीं।
घटना का पता चलते ही पीड़िता ने की शिकायत
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ थी। दर्शन के बाद जब नैमिन बाहर आईं, तो उनके गले से सोने की चेन नदारद थी। चोरों ने इतनी सफाई से हाथ साफ किया था कि पीड़िता को भनक तक नहीं लगी। गायब हुई करीब 2 तोला वजनी सोने की चेन की बाजार कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना का अहसास होते ही पीड़िता ने बिना देर किए छुरा थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छुरा पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई।
तलाशी में मिली चोरी हुई सामग्री
पुलिस टीम ने जतमई धाम परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में पुलिस के हाथ कुछ संदिग्धों की गतिविधियां और एक कार का नंबर पता लगा। इसके तुरंत बाद इलाके की नाकेबंदी कर वाहनों की कड़ी जांच शुरू की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र नंबर की एक काले रंग की कार (MH 49 CS 2471) को रोका। कार की गहन तलाशी लेने पर पुलिस को एक सोने की चेन जैसी वस्तु बरामद हुई।पुलिस ने लिया हिरासत में
कार में सवार नागपुर क्षेत्र की 7 महिलाओं को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान रेखा पानतवणे (30), सीमा पात्रे (40), विद्या उफाड़े (30), मुस्कान पात्रे (26), मीना खंडारे (35), नंदिनी पात्रे (30) और छाया उफाड़े (50) के रूप में हुई है। ये सभी महाराष्ट्र के नागपुर और आसपास के इलाकों की रहने वाली हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
पुलिस अब यह तस्दीक कर रही है कि बरामद हुई चेन वही है या नहीं, साथ ही इनके किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका पर भी पूछताछ की जा रही है। इस वारदात के बाद से जतमई धाम पहुंचे श्रद्धालुओं में सुरक्षा को लेकर काफी चिंता देखी जा रही है। चोरियों के डर से अब महिलाएं मंदिरों में असली गहनों की बजाय आर्टिफिशियल ज़ेवर पहनकर दर्शन करने पहुँच रही हैं।पहरेदारी करते नजर आ रहे पर्यटक
झरने के पास नहाने या घूमते समय परिवार का कोई न कोई एक सदस्य बैग, पर्स और मोबाइल की पहरेदारी करता नजर आ रहा है। पुलिस ने सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर अपने सामान और आभूषणों की सुरक्षा को लेकर खुद भी पूरी सावधानी बरतें।