बस्तर जिले के करपावंड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिउरगाव में एक युवक द्वारा हाथ में धारदार चाकू लेकर गांव में घूमते हुए लोगों को डराने-धमकाने का मामला सामने आया। युवक की हरकतों से गांव में दहशत का माहौल बन गया था और ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची, तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई।
29 मई 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि संतोष कुमार मंडल (28 वर्ष), पिता कमल किशोर मंडल, निवासी ग्राम चिउरगाव, हाथ में धारदार चाकू लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहा है और लोगों को भयभीत कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग एवं एसडीओपी भानपुरी प्रवीण भारती के मार्गदर्शन में आरोपी को पकड़ने की रणनीति बनाई गई।
विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
थाना प्रभारी निरीक्षक शिवानंद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित कर मौके पर रवाना किया गया। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी करते हुए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक धारदार चाकू बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस जांच में आरोपी का कृत्य कानून के विरुद्ध पाया गया। इसके बाद थाना करपावंड में अपराध क्रमांक 38/2026 दर्ज कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला कायम किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर हथियार लेकर लोगों को डराना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।न्यायिक प्रक्रिया के बाद भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर 30 मई 2026 को जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पूरे अभियान को सफल बनाने में उप निरीक्षक हरिश्चंद्र निषाद, प्रधान आरक्षक रामनाथ भारती, घासीराम चंदेल तथा आरक्षक निरंजन महानदी और जयराम बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना की है।
