Thursday, 05 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Bastar Police: ओडिशा से यूपी तक गांजा तस्करी का खेल, बस्तर में 7 आरोपी गिरफ्तार Cyber Fraud: मोबाइल बैंकिंग सिखाने के बहाने बुजुर्ग से 5.46 लाख की ठगी, बैंक कर्मचारी बनकर लिया OTP Robbery Case: अकेली बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना, मारपीट कर सोना-चांदी लेकर फरार Raipur Murder Case: 18 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या, तीन नाबालिग हिरासत में Diwali Traffic Rules: दिवाली की खरीदारी से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, इंदिरा मार्केट में कार और ऑटो की एंट्री बंद Korba Road Accident: 24 घंटे के भीतर तीन भीषण दुर्घटनाएं, 5 लोगों की दर्दनाक मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल Bastar Police: ओडिशा से यूपी तक गांजा तस्करी का खेल, बस्तर में 7 आरोपी गिरफ्तार Cyber Fraud: मोबाइल बैंकिंग सिखाने के बहाने बुजुर्ग से 5.46 लाख की ठगी, बैंक कर्मचारी बनकर लिया OTP Robbery Case: अकेली बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना, मारपीट कर सोना-चांदी लेकर फरार Raipur Murder Case: 18 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या, तीन नाबालिग हिरासत में Diwali Traffic Rules: दिवाली की खरीदारी से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, इंदिरा मार्केट में कार और ऑटो की एंट्री बंद Korba Road Accident: 24 घंटे के भीतर तीन भीषण दुर्घटनाएं, 5 लोगों की दर्दनाक मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल
W 𝕏 f
होम › बस्तर संभाग › गोंचा महापर्व : बस्तर की अनोखी परंपरा, बांस की तु…
बस्तर गोंचा पर्व
बस्तर गोंचा पर्व
बस्तर संभाग

गोंचा महापर्व : बस्तर की अनोखी परंपरा, बांस की तुपकी से भगवान जगन्नाथ को दी जाएगी सलामी

बस्तर के प्रसिद्ध गोंचा महापर्व में 600 साल पुरानी तुपकी परंपरा निभाई जाती है। बांस से बनी तुपकी से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को 21 तोपों की तर्ज पर सलामी दी जाती है। यह परंपरा बस्तर की संस्कृति के साथ ग्रामीणों के रोजगार का भी आधार बनी हुई है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 14 Jul 2026, 06:37 PM · अपडेट: 26 Oct 2026, 12:22 AM
बस्तर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा इस वर्ष 16 जुलाई 2026 को निकाली जाएगी। ओडिशा के पुरी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में भी गोंचा महापर्व बड़े उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। करीब 600 साल पुरानी इस परंपरा में भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के प्रति श्रद्धा के साथ स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है। 

600 साल पुरानी है गोंचा महापर्व की परंपरा

 बस्तर का गोंचा महापर्व 360 आरण्यक ब्राह्मण समाज और स्थानीय आदिवासी परंपराओं के अनूठे मेल का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व का सबसे खास आकर्षण बांस से बनाई जाने वाली पारंपरिक तुपकी होती है। गोंचा महापर्व समिति के अनुसार, इस वर्ष करीब 100 युवा तुपकी के जरिए भगवान जगन्नाथ को सलामी देंगे।

बांस की तुपकी से दी जाती है 21 तोपों जैसी सलामी

 गोंचा पर्व के दौरान आदिवासी समुदाय के लोग बांस से तुपकी तैयार करते हैं। इन्हें रंग-बिरंगे कागज और पन्नियों से सजाकर आकर्षक रूप दिया जाता है। रथ यात्रा के अवसर पर इन्हीं तुपकियों से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को 21 तोपों की सलामी की तर्ज पर सम्मान दिया जाता है। यह परंपरा देश में केवल बस्तर क्षेत्र में ही देखने को मिलती है, जो यहां की समृद्ध संस्कृति और धार्मिक आस्था को दर्शाती है। 

ग्रामीणों के लिए रोजगार का जरिया बनी तुपकी 

गोंचा महापर्व में तुपकी केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका से भी जुड़ी हुई है। बस्तर के अंदरूनी गांवों से आने वाले आदिवासी परिवार तुपकी बनाकर पर्व के दौरान इसकी बिक्री करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलती है और स्थानीय हस्तकला को भी बढ़ावा मिलता है। बस्तर का गोंचा महापर्व आज भी अपनी पुरानी परंपराओं को संजोए हुए है, जहां आस्था, संस्कृति और ग्रामीण जीवन एक साथ दिखाई देते हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें