धमतरी जिले के थाना अर्जुनी क्षेत्र में पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग के दौरान एक मानवीय और संवेदनशील मामला सामने आया। ग्राम अमेठी के पास पुलिस टीम को एक महिला संदिग्ध अवस्था में अकेले और भटकती हुई दिखाई दी। महिला की स्थिति देखकर तुरंत सहायक उप निरीक्षक रामसिंह साहू और आरक्षक संजय ठाकुर ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और प्राथमिक रूप से पूछताछ शुरू की।
पुलिस टीम ने महिला से धैर्यपूर्वक बातचीत की, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति स्पष्ट रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी। इसके बावजूद पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे किसी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा। लगातार समझाइश और शांत माहौल में पूछताछ के दौरान महिला ने धीरे-धीरे अपनी जानकारी साझा करनी शुरू की।
महिला की पहचान उजागर, बालोद जिले से जुड़ा मामला सामने आया
पूछताछ में महिला ने अपना नाम दशोदा बाई नेताम, पति खिलावन नेताम, निवासी ग्राम टेकापाल, जिला बालोद बताया। यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित रूप से आगे की कार्रवाई शुरू की। महिला के बताए गए पते और पारिवारिक विवरण की पुष्टि के लिए संबंधित क्षेत्रों में संपर्क साधा गया। लगातार प्रयासों के बाद महिला ने अपने भाई हेम कुमार नेताम के पलारी में रहने की जानकारी दी। इसके बाद अर्जुनी पुलिस ने तत्काल संपर्क स्थापित कर परिजनों को पूरे मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार में राहत और उम्मीद की भावना जागी तथा परिजन तुरंत थाना अर्जुनी पहुंचे।
कानूनी प्रक्रिया के बाद महिला को सकुशल सौंपा गया परिजनों को
थाने में आवश्यक पहचान और सत्यापन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद महिला को उसके भाई हेम कुमार नेताम और भतीजे की मौजूदगी में सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय से लापता परिजन को सुरक्षित देखकर परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने धमतरी पुलिस, सहायक उप निरीक्षक रामसिंह साहू और आरक्षक संजय ठाकुर के साथ-साथ पूरे अर्जुनी थाना स्टाफ का आभार व्यक्त किया। परिवार ने कहा कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण ही उनकी बिछड़ी हुई सदस्य वापस मिल सकी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहे जनसेवा अभियान का प्रभाव
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिले में लगातार जनसेवा और सहायता से जुड़े अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य संकट में फंसे, लापता या असहाय लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना है, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिवार से मिलाया जा सके। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी ही नहीं निभाती, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक परिवार की बिखरी खुशियों को भी वापस जोड़ने का काम करती है। धमतरी पुलिस की यह पहल समाज में मानवीय संवेदनशीलता और भरोसे को मजबूत करती है।
