सोशल मीडिया की चकाचौंध के पीछे कई बार ऐसी कड़वी हकीकतें छिपी होती हैं, जो सामने आने पर पूरे सिस्टम को हिला देती हैं। ऐसा ही एक मामला भोपाल के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) से सामने आया है।
जिस कैंपस को सोशल मीडिया की तस्वीरों और वीडियो में बेहद खूबसूरत और अनुशासित दिखाया जाता है, उसकी मेस (कैंटीन) के खाने का एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसने वहां की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना 2 जुलाई की है।
थाली में रेंगता दिखा कीड़ा
ट्रेनिंग सेंटर की मेस में जब एक महिला आरक्षक (Constable) खाना खाने बैठी, तो उसकी थाली में एक कीड़ा रेंगता हुआ दिखाई दिया। इस मंजर को देखकर वहां मौजूद अन्य प्रशिक्षु भी सन्न रह गए। किसी ने चुपके से इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और सीधे तौर पर जवानों की सेहत और सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे। यह कोई पहली बार नहीं है जब पुलिस महकमे के इस ट्रेनिंग सेंटर के खाने पर सवाल उठे हों।
खराब खाने से मनोबल टूटना लाजिमी
सूत्रों की मानें तो भोजन की खराब क्वालिटी और सही पोषण (न्यूट्रिशन) न मिलने को लेकर यहां अक्सर प्रशिक्षुओं के बीच दबी जुबान में असंतोष की खबरें आती रहती हैं। कड़े अनुशासन और भारी वर्कलोड के कारण वैसे ही अभ्यर्थी मानसिक और शारीरिक तनाव में रहते हैं, और ऐसे में जब खाने में इस तरह की लापरवाही सामने आती है, तो उनका मनोबल टूटना लाजिमी है। मामला जैसे ही आला अधिकारियों के संज्ञान में आया, पीटीएस प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
घटना दोबारा ना हो इस लिए लगाई मशीनें
बदनामी से बचने और मामले को शांत करने के लिए आनन-फानन में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रबंधन का कदम: मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए मेस में तुरंत 'फ्लाई कैचर' (मक्खी-मच्छर पकड़ने वाली) मशीनें लगाई जाएं। आपको बता दें कि इस भोपाल केंद्र में डीएसपी प्रोबेशनर्स, सब-इंस्पेक्टर (SI) और कांस्टेबलों को बुनियादी और इन-सर्विस ट्रेनिंग दी जाती है।
जिनके कंधों पर सुरक्षा उनका खाना असुरक्षित
जो जवान कल को कानून-व्यवस्था संभालने वाले हैं, उनकी सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ होना बेहद गंभीर विषय है। केवल मशीनों को लगा देने या जांच का भरोसा देने भर से बात नहीं बनेगी, जरूरत इस बात की है कि जिन जवानों के कंधों पर सुरक्षा का जिम्मा है, कम से कम उनके भोजन की सुरक्षा शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए।