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स्कूल के बाहर धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं
स्कूल के बाहर धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं
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शिक्षा व्यवस्था पर सवाल : 200 छात्रों के लिए 12 शिक्षक, विरोध में स्कूलों की तालाबंदी 

छत्तीसगढ़ के बालोद ब्लॉक के लिमोरा गांव में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आ गया। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव के प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
10 Jul 2026, 03:56 PM
बालोद
छत्तीसगढ़ के बालोद ब्लॉक के लिमोरा गांव में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आ गया। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव के प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। तालाबंदी के बाद स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित रही और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, पालक और छात्र मौजूद रहे।
200 छात्रों के लिए 12 शिक्षक 
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के तीनों स्कूलों में करीब 200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल 12 शिक्षक ही पदस्थ हैं। ऐसे में कई विषयों की नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक कम होने से बच्चों की पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है और इसका असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। 
 शिक्षकों की कमी के विरोध में बैठे छात्र
बार-बार शिकायत  के बाद भी नही समाधान 
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को शिक्षकों की कमी से अवगत कराया। लिखित और मौखिक शिकायतें भी की गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। लगातार अनदेखी से नाराज होकर आखिरकार ग्रामीणों ने तालाबंदी का फैसला लिया, ताकि उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। स्कूल में ताला लगाए जाने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। 
अधिकारियों ने पालकों और छात्रों से बातचीत शुरू 
अधिकारियों ने ग्रामीणों, पालकों और छात्रों से बातचीत शुरू की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। साथ ही जल्द समाधान निकालने का भरोसा भी दिया गया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे।  
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