बारिश बनी आफत : गरियाबंद में बच्चों की मजबूरी, पानी भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर
छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और उत्तर छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में भारी बारिश से कच्ची सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जहां स्कूली बच्चे कमर तक पानी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। प्रदेश में अब तक औसत से 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम से बारिश बढ़ने की उम्मीद है।
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कीर्तिमान न्यूज
08 Aug 2026, 10:08 AM
गरियाबंद
छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, जहां गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश के आसार हैं।एक तरफ जहां बारिश से मौसम सुहावना हुआ है, वहीं ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
कमर तक पानी के बीच से स्कूल जा रहे बच्चे
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड स्थित खासरपारा से बदहाली की चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। यहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से कच्ची सड़कें जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। खासरपारा से टेकनपारा के बीच संपर्क मार्ग पर जलभराव इतना बढ़ गया है कि छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को कमर तक भरे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। पढ़ाई की खातिर नौनिहाल रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं।
कच्चे रास्तों का हालरायपुर में आज दिन भर बादलों का रहेगा डेरा
मौसम केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) आकार ले रहा है। इसके साथ ही, दक्षिण गंगीय पश्चिम बंगाल पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। मानसून ट्रफ वर्तमान में गंगानगर, दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से होकर रांची और दीघा के रास्ते बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस त्रिस्तरीय मानसूनी तंत्र के प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है। राजधानी रायपुर में आज दिन भर बादलों का डेरा रहेगा।
पेंड्रा रोड में गिर पारा
दोपहर या शाम के वक्त गरज-चमक के साथ बारिश के एक-दो तेज दौर आ सकते हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं अगर पिछले 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें, तो दुर्ग 32.2°C अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में पारा गिरकर 22°C पहुंच गया, जिससे वहां सबसे अधिक ठंडक महसूस की गई।
मौसम विभाग ने बताया बारिश को सामान्य
आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से लेकर 8 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में औसतन 589.3 मिमी (लगभग 23.2 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 634.9 मिमी (25.0 इंच) माना जाता है। इस तरह प्रदेश में फिलहाल सामान्य से 7 प्रतिशत कम पानी बरसा है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने इसे 'सामान्य बारिश' की श्रेणी में ही रखा है। हालांकि, बारिश का यह वितरण पूरी तरह समान नहीं है।
नदी-नाले उफान पर
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ जिले अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं जिन इलाकों में उम्मीद से ज्यादा पानी गिरा है, वहां नदियां-नाले उफान पर हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी, जिससे कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी मानसूनी संतुलन सुधरने की पूरी उम्मीद है।