Raipur Cyber Fraud: ऑनलाइन रिफंड के चक्कर में जालसाजों ने लगाया चूना, 513 रुपए वापस पाने के लिए शख्स ने गंवाए 97 हजार
Raipur Cyber Fraud: पुरानी बस्ती इलाके में बिग बास्केट से 513 रुपये का रिफंड पाने की कोशिश में एक व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो गया। आरोप है कि फर्जी कस्टमर केयर के जरिए संपर्क करने वाले जालसाजों ने WhatsApp पर APK फाइल भेजकर उसके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 97 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Raipur Cyber Fraud: राजधानी के पुरानी बस्ती इलाके से ऑनलाइन ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ महज 513 रुपये का रिफंड पाने की कोशिश में एक शख्स को 97 हजार रुपए की बड़ी चपत लग गई। जालसाजों ने पहले पीड़ित को झांसे में लिया, फिर वाट्सऐप पर एक संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाकर उनके
बैंक खाते से पैसे साफ कर दिए। अब पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?
पुरानी बस्ती स्थित अमीनपारा के रहने वाले विजय अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले 'बिग बास्केट' (BigBasket) से ऑनलाइन सामान मंगवाया था। इस आर्डर के एवज में उनका 513 रुपये का रिफंड बकाया था। 21 सितंबर को रिफंड की प्रक्रिया जानने के लिए उन्होंने गूगल पर बिग बास्केट के कस्टमर केयर का नंबर तलाश किया और उस पर कॉल कर दिया। फोन उठाने वाले अज्ञात व्यक्ति ने बातचीत के दौरान विजय से उनका वाट्सऐप नंबर मांग लिया।
वीडियो कॉल और खतरनाक APK फाइल का जाल
नंबर साझा करने के थोड़ी ही देर बाद विजय के वाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉलर ने खुद को कस्टमर सपोर्ट का प्रतिनिधि बताते हुए विजय का विश्वास जीता। इसके बाद उसने पीड़ित को कुछ नंबर डायल करने की हिदायत दी और वाट्सऐप पर 'कस्टमर सपोर्ट एप्लीकेशन' के नाम से एक एपीके (APK) फाइल भेजी। जैसे ही विजय ने उस
संदिग्ध ऐप को अपने फोन में इंस्टॉल किया, जालसाजों ने उनके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके तुरंत बाद उनके फोन पर दो मैसेज आए—पहले 90 हजार रुपये और फिर 7 हजार रुपये के यूपीआई ट्रांसफर का। देखते ही देखते खाते से कुल 97 हजार रुपये उड़ गए।
1930 पर की शिकायत, पुलिस में FIR दर्ज
खाते से अचानक बड़ी रकम कटने का मैसेज देखते ही विजय के होश उड़ गए। धोखाधड़ी का अहसास होते ही उन्होंने बिना देर किए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी और ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाया। इसके बाद उन्होंने पुरानी बस्ती पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की मदद से संबंधित नंबरों और बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है।
पाठकों के लिए साइबर सेफ्टी अलर्ट:
गूगल से नंबर निकालते समय सावधान रहें: सर्च इंजन पर मिलने वाले ज्यादातर कस्टमर केयर नंबर फर्जी या साइबर ठगों द्वारा डाले गए हो सकते हैं। हमेशा कंपनी की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही सपोर्ट नंबर लें।
कभी इंस्टॉल न करें APK फाइल: अनजान नंबर से वाट्सऐप पर भेजी गई किसी भी फाइल या ऐप (.apk) को डाउनलोड न करें। ये आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों को दे सकती हैं।
ठगी होने पर तुरंत 1930 डायल करें: यदि आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें, ताकि पैसे होल्ड कराए जा सकें।