APK फाइल से साइबर ठगी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध से जुड़ी जांच के दौरान कई तकनीकी जानकारियां सामने आईं। इन साक्ष्यों के आधार पर करीब 2 हजार मोबाइल नंबरों की जांच और विश्लेषण किया गया। लगातार पड़ताल के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची और दुर्ग से तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
APK फाइल डाउनलोड करवाकर कराते थे अवैध ट्रांजेक्शन जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी साइबर ठगी के लिए मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड करवाते थे।
56 साइबर मामलों से जुड़ा लिंक मिला
पुलिस ने जब संबंधित बैंक खाते की जांच की तो देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों का लिंक सामने आया। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी बड़े साइबर नेटवर्क के संपर्क में थे और कई मामलों में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों से जुड़े हो सकते हैं।
आरोपियों के पास से कार और मोबाइल समेत सामान जब्त पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक वर्ना कार, 5 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और बैंकिंग से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
यह भी पढ़ेंCyber Fraud Case: 4 लोगों के खातों से उड़ाए ₹4.25 लाख, लिंक और मोबाइल गुम होने से लगी चपतआरोपियों से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अन्य खातों और साइबर नेटवर्क की जांच जारी पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों, संदिग्ध ट्रांजेक्शन और उनके संपर्कों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।म्यूल अकाउंट से रहें सावधान
साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, जिसमें अपराधी दूसरे लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध पैसों के लेन-देन के लिए करते हैं। पुलिस आम लोगों से भी अपील कर रही है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते, ओटीपी या मोबाइल में संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने जैसी गतिविधियों से बचें।
