Raipur Cyber Crime: सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर शेयर ट्रेडिंग में कई गुना मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने शंकरनगर के एक प्रॉपर्टी डीलर से करीब 96 लाख रुपए ठग लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने पुलिस और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 11 लाख रुपए की राशि अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड करा दी, हालांकि इससे पहले ठग करीब 85 लाख रुपए निकाल चुके थे।
पुलिस के मुताबिक, हाई पार्क शंकरनगर निवासी विशाल बरड़िया (40) अगस्त महीने में साइबर ठगों के संपर्क में आए थे। ठगों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उन्हें मैसेज भेजकर शेयर बाजार में निवेश करने और कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां लगातार शेयर ट्रेडिंग से होने वाले फायदे के स्क्रीनशॉट और संदेश भेजे जाते थे।
छोटी रकम से शुरू किया भरोसा, फिर लाखों में कराया निवेश
ठगों ने शुरुआत में विशाल से कम रकम निवेश कराई। इसके बाद एक फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए निवेश की गई राशि पर तेजी से बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया गया। एप में रकम बढ़ती देखकर पीड़ित को भरोसा हो गया और वह धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करने लगे। करीब एक महीने तक ठगों के बताए गए बैंक खातों में अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए गए। फर्जी एप में निवेश की रकम और मुनाफा करोड़ों रुपए तक पहुंचता हुआ दिखाया गया। जब पीड़ित ने एप में दिखाई जा रही रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स और कमीशन के नाम पर अतिरिक्त पैसे जमा करने को कहा। पैसा वापस मिलने की उम्मीद में पीड़ित ने और रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद ठगों ने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए और जमा करने की मांग की, जिसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने आगे पैसा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बंद कर दिया और मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ कर दिए। तब विशाल को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
1930 पर शिकायत से बची 11 लाख की रकम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठगी की शिकायत मिलने के बाद तत्काल बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई और संबंधित खातों में ट्रांसफर हुई राशि को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब तक करीब 11 लाख रुपए बचाने में सफलता मिली है। पुलिस पूरे लेनदेन की जांच कर रही है। डीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप ने बताया कि शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी की शिकायत मिली है। पीड़ित से बैंक स्टेटमेंट मिलने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 1930 हेल्पलाइन पर समय पर शिकायत मिलने से करीब 11 लाख रुपए की रकम होल्ड कराई जा सकी है।बैंक मैनेजर बनकर रिटायर्ड अधिकारी से भी ठगी
रायपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। अमलीडीह स्थित पवन विहार कॉलोनी निवासी रिटायर्ड अधिकारी राजकुमार शुक्ल को ठगों ने बैंक मैनेजर बनकर फोन किया। ठग ने उन्हें पंजाब नेशनल बैंक का सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने के फायदे बताए और इसके लिए एक मोबाइल एप डाउनलोड करने को कहा। जैसे ही उन्होंने एप डाउनलोड किया, उनके बैंक खाते से करीब एक लाख रुपए निकाल लिए गए। राजेंद्रनगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

