जन-सुविधाओं और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में नई रेल लाइनों का बिछना, यात्री सुविधाओं का विस्तार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद रेल सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि:
रोजमर्रा के यात्रियों को राहत: इस कनेक्टिविटी से रोजाना सफर करने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और किसानों को सीधी और सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी।
बहुआयामी लाभ: बेहतर रेल नेटवर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, साथ ही स्थानीय कृषि उत्पाद और पर्यटन उद्योग को भी नई संजीवनी मिलेगी।
दल्लीराझरा-रावघाट प्रोजेक्ट: 1,628 करोड़ की ऐतिहासिक उपलब्धि
बस्तर और आसपास के इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी दल्लीराझरा-रावघाट रेल परियोजना अब पूर्णता की ओर है।
कुल लागत और लंबाई: 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
अंतिम चरण की कनेक्टिविटी: ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर का अंतिम ट्रैक बिछाए जाने के साथ ही इस पूरे प्रोजेक्ट का काम संपन्न हो गया है।
भिलाई स्टील प्लांट को मजबूती: यह रेल लिंक भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लौह अयस्क (Iron Ore) का परिवहन बेहद आसान और निर्बाध हो जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।






