Refex Industries Stock News: रेफेक्स इंडस्ट्रीज (Refex Industries) ने मध्य प्रदेश के एक सरकारी उपक्रम (PSU) से करीब ₹160 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 10 लाख मीट्रिक टन पॉन्ड ऐश और फ्लाई ऐश (राख) के उठाव और परिवहन का काम करना होगा। कंपनी को यह प्रोजेक्ट 18 महीने की अवधि में पूरा करना है। कॉन्ट्रैक्ट मिलने की खबर सामने आते ही रेफेक्स इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही शेयर करीब 7 फीसदी तक चढ़कर ₹294.55 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और सुबह करीब 9:45 बजे के आसपास शेयर लगभग 4 फीसदी की बढ़त के साथ ₹283 के करीब कारोबार कर रहा था। इससे पहले शेयर ₹281.95 के भाव पर खुला था और कुछ ही समय में ₹294.55 के दिन के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया।
कंपनी की ऑर्डर बुक को मिलेगा मजबूत सहारा
₹160 करोड़ के इस नए कॉन्ट्रैक्ट से रेफेक्स इंडस्ट्रीज के मटेरियल हैंडलिंग कारोबार की ऑर्डर बुक को मजबूती मिलेगी। इससे पहले अगस्त 2026 में कंपनी को ₹33.70 करोड़ का फ्लाई ऐश से जुड़ा ऑर्डर मिला था। कंपनी ने 19 सितंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग में हुई एक गलती को भी सुधार किया था। शुरुआती जानकारी में गलती से "10 मीट्रिक टन" लिखा गया था, जिसे बाद में संशोधित कर "10 लाख मीट्रिक टन" किया गया।
पहली तिमाही में कंपनी का शानदार प्रदर्शन
रेफेक्स इंडस्ट्रीज के वित्तीय प्रदर्शन में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹73.39 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹32.97 करोड़ के मुकाबले 122 फीसदी ज्यादा है। वहीं, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी बढ़कर ₹619.25 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹351.11 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर कंपनी के राजस्व में करीब 76 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।ऐश और कोल हैंडलिंग कारोबार पर कंपनी का फोकस
रेफेक्स इंडस्ट्रीज ऐश और कोल हैंडलिंग सेक्टर में लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी बड़े स्तर के प्रोजेक्ट हासिल कर इस कारोबार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी रोड-कम-रेल (RCR) मॉडल के जरिए बड़े वॉल्यूम वाले प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है। इससे सरकारी थर्मल पावर कंपनियों के साथ उसका अनुभव और भरोसा भी बढ़ रहा है।
पर्यावरण नियमों से बढ़ रही मांग
भारत में थर्मल पावर प्लांट्स से निकलने वाली फ्लाई ऐश और पॉन्ड ऐश के प्रबंधन को लेकर नियम लगातार सख्त हो रहे हैं। पुराने राख भंडारों को हटाने और उनके बेहतर उपयोग की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे में ऐश मैनेजमेंट और मटेरियल हैंडलिंग क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए आने वाले समय में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।निवेशकों के लिए क्या संकेत?
₹160 करोड़ का नया ऑर्डर रेफेक्स इंडस्ट्रीज के मटेरियल हैंडलिंग सेगमेंट को आने वाले समय में बेहतर रेवेन्यू विजिबिलिटी दे सकता है। कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे और बढ़ती ऑर्डर बुक निवेशकों के बीच सकारात्मक संकेत के रूप में देखे जा रहे हैं। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, सेक्टर की परिस्थितियों और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखना जरूरी है।

