Stock Market News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में नरमी देखने को मिल रही है। इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के मुताबिक, एनएसई आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अब 61 रुपए प्रति शेयर रह गया है। यह करीब 3.42 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।
इससे पहले 18 सितंबर को एनएसई आईपीओ का GMP 111 रुपए के प्रीमियम पर था, जबकि 17 सितंबर को यह 142 रुपए तक पहुंच गया था। वहीं, एक समय ऐसा भी था जब एनएसई आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम 310 रुपए तक पहुंच गया था। हालांकि, अब इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और यह 61 रुपए के स्तर पर आ गया है।
दो दिन में NSE IPO हुआ पूरी तरह सब्सक्राइब
एनएसई आईपीओ को निवेशकों की ओर से शुरुआती दिनों में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू खुलने के दो दिन के भीतर यह कुल 1.04 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। सब्सक्रिप्शन की बात करें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 1.32 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 1.46 गुना और रिटेल कैटेगरी में 0.69 गुना बोली मिली है। एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था।
30,000 करोड़ से घटाकर रखा गया आईपीओ का आकार
एनएसई ने अपने आईपीओ का साइज पहले तय किए गए रुपए से घटाकर 22,561.57 करोड़ रुपए कर दिया है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित इश्यू है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।NSE IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज
एनएसई आईपीओ का प्राइस बैंड 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। आईपीओ का लॉट साइज 8 शेयरों का है। इस हिसाब से निवेशकों को कम से कम एक लॉट खरीदने के लिए 14,280 रुपए का निवेश करना होगा। वहीं, कंपनी के कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर 170 रुपए की विशेष छूट भी रखी गई है। एनएसई आईपीओ की लिस्टिंग 24 सितंबर को बीएसई पर प्रस्तावित है।
क्या NSE IPO में निवेश करना फायदेमंद रहेगा?
एनएसई आईपीओ को लेकर बाजार विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि केवल लिस्टिंग गेन के उद्देश्य से इस आईपीओ में निवेश करना उचित नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर निवेशक लंबी अवधि यानी 3 से 4 साल तक शेयर रखने की क्षमता रखते हैं, तभी इस आईपीओ पर विचार किया जा सकता है। वहीं, आईपीओ के करीब 6 महीने बाद प्री-आईपीओ निवेशकों को शेयर बेचने की अनुमति मिल जाएगी, जिससे बाजार में हलचल देखने को मिल सकती है।वैल्यूएशन और ग्रोथ को लेकर क्या है स्थिति?
वैल्यूएशन के लिहाज से एनएसई आईपीओ मौजूदा समय में बीएसई की तुलना में आकर्षक दिखाई दे रहा है। हालांकि, कंपनी की सालाना ग्रोथ रेट को लेकर विशेषज्ञों की राय मिली-जुली है। निवेशकों को कंपनी के प्रदर्शन, बाजार की स्थिति और अपने जोखिम लेने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए।

