देश में लगातार बढ़ती पढ़ाई की फीस और महंगे तकनीकी कोर्स आज कई मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन चुके हैं। खासकर इंजीनियरिंग, डिप्लोमा और अन्य टेक्निकल कोर्स करने वाली बेटियों की पढ़ाई का खर्च कई बार माता-पिता के बजट से बाहर हो जाता है। ऐसे में पैसों की तंगी के कारण किसी होनहार छात्रा का सपना न टूटे, इसके लिए केंद्र सरकार की 'AICTE प्रगति स्कॉलरशिप योजना' (AICTE Pragati Scholarship Scheme) एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत छात्राओं को हर साल ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बोझ के तकनीकी शिक्षा हासिल कर आत्मनिर्भर बन सकें।
ताजा अपडेट: अब प्रक्रिया हुई और भी डिजिटल व पारदर्शी
हालिया अपडेट्स के अनुसार, सरकार ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) को पहले से कहीं अधिक अपग्रेड कर दिया है। अब इस योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे छात्राओं के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों की गुंजाइश खत्म हो गई है। इसके अलावा, अब स्कॉलरशिप के वेरिफिकेशन प्रोसेस को भी तेज कर दिया गया है ताकि कॉलेज से अप्रूवल मिलते ही राशि समय पर जारी की जा सके।
लैपटॉप और किताबों का खर्च हुआ आसान
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा में लैंगिक असमानता को कम करना है। इस योजना के तहत मिलने वाली ₹50,000 की राशि केवल कॉलेज फीस तक सीमित नहीं है। छात्राएं इसका इस्तेमाल निम्नलिखित कार्यों के लिए कर सकती हैं:
कॉलेज ट्यूशन फीस का भुगतान करने में।
डिजिटल पढ़ाई के लिए लैपटॉप या टैबलेट खरीदने में।
महंगी किताबें, स्टेशनरी और सॉफ्टवेयर खरीदने में।
कोर्स से जुड़े अन्य जरूरी शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने में।
कितने साल तक मिलता है फायदा?
यह योजना किसी एक साल की अस्थाई राहत नहीं है, बल्कि यह छात्रा की पूरी पढ़ाई के दौरान उसका साथ निभाती है:
डिग्री कोर्स (जैसे B.Tech/B.E.): छात्राओं को पूरे 4 साल तक (कुल ₹2,000,000) यह लाभ मिलता है।
डिप्लोमा कोर्स: छात्राओं को 3 साल तक हर वर्ष ₹50,000 दिए जाते हैं।
लेटरल एंट्री (Lateral Entry): जो छात्राएं सीधे दूसरे साल में दाखिला लेती हैं, उन्हें डिग्री के लिए 3 साल और डिप्लोमा के लिए 2 साल तक इस योजना का लाभ मिलता है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता मानदंड)
योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ आसान लेकिन जरूरी शर्तें तय की हैं:
| मानदंड | विवरण |
| लिंग | केवल छात्राओं (Girls) के लिए। |
| संस्थान | कॉलेज या संस्थान का AICTE से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है। |
| पारिवारिक आय | परिवार की कुल सालाना आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। |
| पारिवारिक सीमा | एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना का लाभ ले सकती हैं। |
| प्रवेश का वर्ष | छात्रा ने डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया हो (या लेटरल एंट्री से दूसरे वर्ष में)। |
आवेदन प्रक्रिया: पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस
छात्राओं की सुविधा के लिए सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह घर बैठे ऑनलाइन कर दिया है। किसी भी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है:
पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले छात्राओं को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
रजिस्ट्रेशन: पोर्टल पर नया रजिस्ट्रेशन करने के बाद "AICTE Pragati Scholarship Scheme" को चुनना होगा।
दस्तावेज अपलोड करें: आवेदन फॉर्म के साथ निम्नलिखित मुख्य दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे:
10वीं और 12वीं (या समकक्ष) की मार्कशीट।
माता-पिता का वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)।
चालू शैक्षणिक वर्ष की फीस रसीद (Admission Receipt)।
आधार कार्ड और बैंक पासबुक (खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है)।
संस्थान के प्रमुख द्वारा जारी बोनाफाइड सर्टिफिकेट।
सत्यापन (Verification): फॉर्म सबमिट होने के बाद पहले कॉलेज स्तर पर और फिर AICTE स्तर पर दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच की जाती है, जिसके बाद स्कॉलरशिप मंजूर हो जाती है।
