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माओवादियों के ठिकाने से बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री
माओवादियों के ठिकाने से बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री
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सुरक्षाबलों की कार्रवाई : माओवादियों के ठिकानों से AK-47 कारतूस और IED समेत भारी विस्फोटक बरामद

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाकर माओवादियों के एक गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई में AK-47 और SLR के कारतूस, टिफिन IED, जिलेटिन स्टिक, देसी हथियार समेत भारी मात्रा में विस्फोटक और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

प्रकाशित: 08 Jul 2026, 08:51 AM · अपडेट: 20 Jul 2026, 07:15 AM
ओडिशा
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माओवादियों को सुरक्षाबलों ने एक बड़ा झटका दिया है। एक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई बड़ी कार्रवाई में जवानों ने माओवादियों के एक गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए वहां छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किया है। 
यह कामयाबी मंगलवार (7 जुलाई 2026) को उस वक्त मिली, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस को इन इलाकों में माओवादियों द्वारा हथियारों का बड़ा जखीरा छिपाए जाने का इनपुट मिला था। 

घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू 

इस खुफिया जानकारी पर तुरंत एक्शन लेते हुए नुआपाड़ा पुलिस, जिला स्वयंसेवी बल (DVF) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों ने एक साझा रणनीति तैयार की। इसके बाद बोडेन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारपट के घने जंगलों की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। जंगल के भीतर गहराई में छानबीन के दौरान जवानों को माओवादियों का वह गुप्त डंप मिल गया, जहां तबाही का सामान छिपाकर रखा गया था। 

बरामद सामान: एके-47 के कारतूस से लेकर टिफिन आईईडी तक

सुरक्षाबलों ने मौके से जो सामान जब्त किया है, वह काफी चौंकाने वाला है। बरामद किए गए घातक हथियारों और सामग्रियों की सूची इस प्रकार है:

हथियार और कारतूस: दो देसी बंदूकें, मैग्जीन के साथ एक देसी कार्बाइन, AK-47 राइफल के 29 जिंदा कारतूस (7.62X39 mm) और एसएलआर (SLR) के 54 कारतूस (7.62X51mm)।

  • विस्फोटक और आईईडी: दो खतरनाक टिफिन बम (IED), 8 जिलेटिन स्टिक, करीब डेढ़ किलोग्राम बारूद और एक डेटोनेटर।

  • तकनीकी व अन्य सामग्री: आईईडी बनाने और जंगलों में लंबे समय तक टिके रहने के लिए इस्तेमाल होने वाली बैटरियां, मल्टीमीटर, सोलर पैनल, बिजली के तार और वायर कटर।

  • सुरक्षाबलों ने माओवादियों के मंसूबे किए नाकाम

    शुरुआती जांच और इनपुट्स के मुताबिक, इस गुप्त ठिकाने का इस्तेमाल माओवादी संगठन आईईडी तैयार करने, हथियारों की सप्लाई चेन बनाए रखने और जंगलों में एक्टिव कैडर्स तक रसद पहुंचाने के लिए कर रहे थे। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों का मिलना इस बात का साफ इशारा है कि सुरक्षाबलों ने माओवादियों के किसी बड़े और खतरनाक मंसूबे को समय रहते नाकाम कर दिया है। 

    सर्च ऑपरेशन अभी नहीं हुआ बंद 

    नुआपाड़ा के एसपी अमृतपाल सिंह ने इस कामयाबी की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की बारीकी से तफ्तीश कर रही हैं कि इस डंप का इस्तेमाल किन-किन माओवादी कमेटियों या दलों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने साफ किया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि जंगलों में ऐसे कुछ और भी ठिकाने हो सकते हैं, जिन्हें खंगालने का काम लगातार जारी है।
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