पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की कोशिशें एक बार फिर तेज होने वाली हैं। भारत और चीन के बीच जल्द ही होने वाली अगले दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता में इस बार भारतीय सेना की तरफ से एक नया चेहरा अगुवाई करता नजर आ सकता है। सेना के रणनीतिक हलकों से आ रही खबरों के मुताबिक, लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 14वीं कोर (फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है।
नॉर्दर्न कमांड जाएंगे लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला, मदनराज पांडे को कमान
वर्तमान कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला को अब एक नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए नॉर्दर्न कमांड का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया जा रहा है। उनकी जगह अब मेजर जनरल मदनराज पांडे 14वीं कोर के नए कमांडर के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। मेजर जनरल पांडे का प्रमोशन हो चुका है और वे लेफ्टिनेंट जनरल के तौर पर इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण कोर की कमान संभालेंगे।
बीते महीने की WMCC बैठक के बाद बढ़ीं उम्मीदें
अक्टूबर 2024 का वो अहम मोड़ और पेट्रोलिंग की स्थिति
लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला के कार्यकाल के दौरान ही दोनों देशों के रिश्तों और सीमा विवाद में एक बड़ा मोड़ आया था। साल 2024 में हफ्तों चली मैराथन बैठकों के बाद 21 अक्टूबर को भारत और चीन के बीच देपसांग और डेमचॉक में जारी गतिरोध को पूरी तरह समाप्त करने पर सहमति बनी थी।
इससे पहले चार प्रमुख इलाकों से दोनों सेनाएं पीछे जरूर हटी थीं, लेकिन वे क्षेत्र फिलहाल 'नो-पेट्रोलिंग जोन' बने हुए हैं। राहत की बात यह है कि देपसांग के 5 और डेमचॉक के 2, यानी कुल उन सभी 7 पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर भारतीय सेना अब अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति की तरह गश्त कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस पेट्रोलिंग प्रक्रिया में फिलहाल किसी भी तरह की बाधा या समस्या सामने नहीं आई है।
लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड
लद्दाख सेक्टर में भारतीय सेना की 14वीं कोर एकमात्र ऐसी यूनिट है जिसका पूरा हेडक्वॉर्टर अत्यधिक ऊंचाई (High Altitude) वाले इलाके में स्थित है। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण यहाँ कोर कमांडर का कार्यकाल आमतौर पर सिर्फ 13 से 15 महीने का ही होता है। बेहद विशेष परिस्थितियों में कुछ कमांडर 18 से 20 महीने तक यहाँ रहे हैं।एक अनूठा कार्यकाल: लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने इस मोर्चे पर लगभग 24 महीने (2 साल) का लंबा समय बिताकर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वे दो दशकों में सबसे लंबे समय तक इस चुनौतीपूर्ण कोर की कमान संभालने वाले पहले सैन्य अधिकारी बन गए हैं।
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LAC टॉक से पहले सेना में बड़ा बदलाव: मदनराज पांडे होंगे लद्दाख के नए कोर कमांडर, हितेश भल्ला ने बनाया रिकॉर्ड
भारत-चीन वार्ता के बीच बदला लद्दाख का सैन्य नेतृत्व, लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे संभालेंगे 14वीं कोर
मेटा डिस्क्रिप्शन (Meta Description): पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सैन्य वार्ता से पहले 14वीं कोर के कमांडर बदले जा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला की जगह अब मेजर जनरल मदनराज पांडे कमान संभालेंगे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।