बिलासपुर के सिम्स में अव्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चल रही जनहित याचिका पर मंगलवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई. बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में अव्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव की ओर से अदालत में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। शपथ पत्र में कई बिंदुओं पर एक जैसी भाषा और दोहराव देखकर अदालत ने नाराजगी जताई।
AI से तैयार शपथ पत्र पर उठे सवाल
हाई कोर्ट ने कहा कि दस्तावेज ऐसा प्रतीत होता है मानो इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया हो। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शपथ पत्र बेहद व्यवस्थित और साफ-सुथरा दिख रहा है, लेकिन यदि वास्तविक स्थिति भी इतनी ही बेहतर होती तो मामला अदालत तक पहुंचता ही नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शासन या संबंधित विभाग जमीनी हकीकत छिपाकर अदालत को गुमराह करने की कोशिश न करे। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इससे पहले कोर्ट कमिश्नर ने भी शपथ पत्र के एआई की सहायता से तैयार किए जाने की आशंका व्यक्त की थी। इसी संदर्भ में अदालत ने दस्तावेज की विश्वसनीयता और उसमें दिए गए तथ्यों पर सवाल उठाए। मामले की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की ओर से भी शपथ पत्र पेश किया गया। इसमें चार्ट के माध्यम से सिम्स अस्पताल के लिए खरीदी जा रही जरूरी मशीनों और उपकरणों की प्रगति रिपोर्ट अदालत के सामने रखी गई।31 मशीनों की खरीदी जारी
रिपोर्ट के अनुसार, सिम्स के लिए कुल 31 अत्याधुनिक मशीनों की खरीदी की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 13 मशीनें अस्पताल को उपलब्ध करा दी गई हैं। दो मशीनों के लिए जून महीने में ही परचेज ऑर्डर जारी किया जा चुका है। रिपोर्ट में बताया गया कि दो मशीनों की कीमत अधिक होने के कारण सिम्स से मंजूरी ली गई है और एक-दो दिन में इनके लिए भी ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। वहीं, दो मशीनें फिलहाल तकनीकी प्रदर्शन (टेक्निकल डेमो) के चरण में हैं। इनके परीक्षण के बाद वित्तीय निविदा (फाइनेंशियल बिड) खोली जाएगी। इसके अलावा दो मशीनों के टेंडर जून में खोले जा चुके हैं और उनका मूल्यांकन जारी है, जबकि छह मशीनों के लिए 9 जुलाई को बिड खोली जानी है।