जिले में सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने केन्द्रीय विद्यालय महासमुंद पहुंचकर विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सघन जांच की। इसके बाद बागबाहरा रोड पर चलने वाली निजी यात्री बसों की भी जांच की गई, जहां नियमों का उल्लंघन मिलने पर पांच वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 14,900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
स्कूल वाहनों की जांच
केन्द्रीय विद्यालय परिसर के बाहर संयुक्त टीम ने विद्यार्थियों के आवागमन में उपयोग किए जा रहे वाहनों की जांच की। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों को ले जाने वाले वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। जांच के दौरान कई विद्यार्थी निजी एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) से स्कूल आते-जाते मिले। अधिकारियों ने वाहन स्वामियों और चालकों को बताया कि यदि निजी वाहन का उपयोग व्यावसायिक रूप से विद्यार्थियों के परिवहन के लिए किया जा रहा है
केन्द्रीय विद्यालय में परिवहन में वाहनों की जांच दुपहिया स्कूल आता नहीं मिला कोई छात्र
जांच के दौरान राहत की बात यह रही कि विद्यालय आने-जाने वाले किसी भी विद्यार्थी को दुपहिया वाहन चलाते हुए नहीं पाया गया। अधिकारियों ने इसे सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सकारात्मक संकेत बताया। स्कूल निरीक्षण के बाद जिला परिवहन अधिकारी की टीम ने बागबाहरा रोड पर संचालित निजी यात्री बसों की जांच की। इस दौरान कई बसों में आवश्यक दस्तावेजों और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
पांच वाहनों पर कारवाई 14,900 का जुर्माना
नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विभाग ने इन वाहनों से कुल 14,900 रुपये का समन शुल्क वसूल किया और भविष्य में सभी दस्तावेज दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज समय-समय पर अपडेट रखें और यातायात एवं परिवहन संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन करें।