दिल्ली के एक होटल में लगी आग की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि दिल्ली-NCR के हाईराइज अपार्टमेंट्स की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। नोएडा के पॉश इलाके सेक्टर-74 स्थित 'IVY County' सोसाइटी की 12वीं मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे फ्लैट को अपनी आगोश में ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
हालांकि, इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने गगनचुंबी इमारतों में रहने वाले हजारों लोगों की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं।
सोसाइटी में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग दोपहर के वक्त 12वें फ्लोर के एक बंद फ्लैट में लगी। जब तक कोई कुछ समझ पाता, खिड़कियों से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं बाहर निकलने लगा।
चीख-पुकार और भगदड़: आग की खबर मिलते ही पूरी सोसाइटी में हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए बालकनी से चिल्लाने लगे और सीढ़ियों की तरफ भागे।
सुरक्षा प्रोटोकॉल: सुरक्षा गार्ड्स और सोसाइटी के लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत लिफ्ट की बिजली काटी और सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया।
आधुनिक उपकरणों और हाइड्रोलिक क्रेन से 'जंग'
चूंकि आग 12वें फ्लोर (काफी ऊंचाई पर) लगी थी, इसलिए पारंपरिक तरीकों से इस पर काबू पाना नामुमकिन था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मिनटों में मौके पर पहुंच गईं।
हाई-टेक रेस्क्यू: दमकलकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए अपनी अत्याधुनिक हाइड्रोलिक क्रेन को मोर्चे पर लगाया।
वैकल्पिक निकास: सीढ़ियों और फायर इवेकुएशन रास्तों के जरिए आसपास के और ऊपर-नीचे के फ्लैट्स को तुरंत खाली कराया गया।
मशक्कत रंग लाई: धुएं के भारी गुबार के बीच दमकलकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर कुछ ही घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
क्या रही आग की वजह?
शुरुआती जांच और आशंका: मौके पर मौजूद चीफ फायर ऑफिसर (CFO) और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। अंदेशा है कि गर्मी या ओवरलोडिंग के कारण एयर कंडीशनर (AC) या मुख्य बिजली बोर्ड में स्पार्किंग हुई, जिसने तेजी से आग पकड़ ली।
अधिकारियों का आधिकारिक बयान:
"आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और कूलिंग ऑपरेशन पूरा हो चुका है। किसी भी नागरिक को खरोंच तक नहीं आई है। हालांकि, आग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम विस्तृत जांच कर रही है।"
खड़े होते कुछ गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली-NCR की हाईराइज सोसायटियों के सेफ्टी ऑडिट पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या सोसाइटी का अपना फायर फाइटिंग सिस्टम (स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट) वक्त पर काम कर रहा था?
क्या फ्लैट्स के भीतर लगाए गए स्मोक डिटेक्टर एक्टिव थे?
नोट: फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सोसाइटी के लोग अब धीरे-धीरे अपने घरों को लौट रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन नुकसान के आकलन में जुटा है।