आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कडप्पा जिले में कोविड-19 के चलते एक 46 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई है। राज्य में करीब चार साल बाद कोरोना से मौत का यह पहला मामला सामने आया है, जिसके बाद से स्थानीय प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक को तेज खांसी और सांस लेने में बेहद तकलीफ होने के बाद अस्पताल लाया गया था। शुरुआती लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों को निमोनिया का शक हुआ और उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं से मरीज का इलाज शुरू कर दिया।
उपचार के दौरान तोड़ा दम
हालांकि, चार दिनों तक लगातार चले इलाज के बाद भी मरीज की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। मरीज की मौत के बाद जब डॉक्टरों ने मामले की गहराई से जांच की, तब जाकर असल वजह सामने आई। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण मरीज के दोनों फेफड़े बुरी तरह डैमेज हो चुके थे और ऊपर से निमोनिया होने की वजह से उसकी स्थिति बेहद क्रिटिकल हो गई थी, जिसके कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
एक मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती
बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति पहले से भी कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन में आ गया है। मृतक के संपर्क में आए लोगों (प्राइमरी कॉन्टैक्ट्स) की पहचान की जा रही है और प्रभावित इलाके को पूरी तरह सैनिटाइज कर दिया गया है। ताजा अपडेट के अनुसार, इलाके में चार अन्य लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से तीन मरीजों में हल्के लक्षण होने के कारण उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है, जबकि एक मरीज को एहतियात के तौर पर कडप्पा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आम लोगों की बढ़ी चिंता
आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से आखिरी मौत साल 2022 में दर्ज की गई थी। इतने लंबे अंतराल के बाद अचानक हुई इस मौत ने स्वास्थ्य महकमे के साथ-साथ आम जनता की भी चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक न हों।
बढ़ाए गए चिकित्सा इंतजाम
अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी को भी लगातार खांसी, तेज बुखार या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे इसे सामान्य फ्लू समझकर नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में एहतियात के तौर पर सभी जरूरी चिकित्सा इंतजाम और निगरानी बढ़ा दी गई है।