दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर है। पिछले 24 दिनों से जारी इस आंदोलन में शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनवरत भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 28 जून से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। आंदोलनकारियों की स्थिति को देखते हुए अब राजनीतिक दलों ने भी अपना रुख स्पष्ट करना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस प्रदर्शन को अपना नैतिक समर्थन दिया है। उन्होंने वांगचुक से तुरंत हड़ताल खत्म करने की गुजारिश की है। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अनशन तोड़ने की अपील की है। साथ ही लेखिका अरुंधति रॉय समेत कई बुद्धिजीवियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है।
परीक्षा प्रणाली और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
सीजेपी की प्रमुख मांग नीट परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जांच है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे गुरुवार शाम 5 बजे जंतर मंतर पहुँचेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार बेहद जरूरी है।
केजरीवाल का सरकार पर तीखा हमला
केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि वांगचुक देश की एक अनमोल धरोहर हैं और उनकी सेहत सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के अन्य लोकतांत्रिक रास्ते भी मौजूद हैं। आम आदमी पार्टी सीजेपी की मांगों का पूर्ण समर्थन करती है। इसके अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को ही प्रदर्शन स्थल पर जाकर वांगचुक से मुलाकात की थी।