छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। महिला की मौत के तीन दिन बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र खोदकर उसका शव बाहर निकाला गया। मृतका के मायके वालों ने उसकी हत्या की आशंका जताते हुए पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की जांच अब पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी। जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के ग्राम कुमा निवासी 23 वर्षीय घूरई बाई की शादी करीब तीन वर्ष पहले कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्र अंतर्गत छिरहुट गांव निवासी दिलीप बैगा से हुई थी। दोनों का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है।
परिवार के लोगों के मुताबिक 16 जून को घूरई बाई की मौत हो गई थी और अगले दिन बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव को दफना दिया गया।
मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका
पुलिस और प्रशासन की निगरानी में हुई खुदाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। 19 जून को एसडीओपी, थाना प्रभारी, प्रशासनिक अधिकारियों तथा सीन ऑफ क्राइम टीम की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कराई गई। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को बाहर निकाला गया और पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम और अन्य वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिया गया।
कब्र से शव निकाले जाने की खबर गांव में तेजी से फैल गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
पति ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया गया है। अब पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला सामान्य मौत, बीमारी या हत्या—इन सभी संभावनाओं के बीच जांच के दायरे में है। कब्र से शव निकालने की कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की नजर मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो घूरई बाई की मौत की असली वजह सामने ला सकती है।