छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में चल रहे प्रसिद्ध गोंचा महापर्व के दौरान गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। रथ खींचने की धार्मिक परंपरा के बीच एक बुजुर्ग महिला अचानक रथ के पहिए की चपेट में आ गई। हादसे में महिला की हथेली गंभीर रूप से घायल हो गई और फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, हालांकि श्रद्धालुओं की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
रथ खींचने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह घटना जगदलपुर के गोलबाजार क्षेत्र के पास उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ खींचने में शामिल थे। इसी दौरान भीड़ के बीच बुजुर्ग महिला का हाथ अचानक रथ के पहिए के नीचे आ गया। देखते ही देखते पहिया महिला की हथेली के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह दर्द से कराह उठी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा अचानक हुआ और कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। रथ के आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए रथ को रोक दिया, ताकि महिला को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
श्रद्धालुओं ने दिखाई सूझबूझ
हादसे के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं और रथ खींच रहे लोगों ने मानवता दिखाते हुए तत्काल मदद की। लोगों ने घायल महिला को भीड़ से बाहर निकाला और बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर उपचार मिलने से महिला की हालत बिगड़ने से बच गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला की जांच की, जिसमें उसकी हथेली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। फिलहाल महिला का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
हादसा टला, सुरक्षित बची महिला की जान
रथ का पहिया महिला के शरीर के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंचा, यह राहत की बात रही। अगर पहिया शरीर के किसी दूसरे हिस्से पर चढ़ जाता तो हादसा और गंभीर हो सकता था। केवल हथेली में चोट आने के कारण महिला की जान बच गई। घटना के बाद आयोजकों और प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई। रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौजूद लोगों ने भी सतर्कता बरती।
हादसे के बाद कुछ देर रुकी रथयात्रा
हादसे के बाद कुछ समय के लिए रथ खींचने की प्रक्रिया रोक दी गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने के बाद स्थिति को सामान्य किया। इसके बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार रथयात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया। गौरतलब है कि जगदलपुर का गोंचा महापर्व बस्तर की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते हैं और रथ खींचने की परंपरा में भाग लेते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल हुए थे।