Tuesday, 01 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG Political Breaking News: BJP ने छत्तीसगढ़ में मोर्चा प्रभारियों की घोषणा की, 7 नेताओं को मिली जिम्मेदारी Dhamtari News: 5 साल के बच्चे ने निगली बैटरी वाली LED लाइट, एंडोस्कोपी से बची जान Doctor Suicide Case: शादी से 18 दिन पहले टूटा रिश्ता, डॉक्टर ने स्टाफ क्वार्टर में की आत्महत्या Timber Smuggling: दसपुर में USTR की बड़ी कार्रवाई, 3 घन मीटर लकड़ी बरामद, पुरानी जब्ती से जुड़े तार Balrampur news: मजदूरों से भरी बस और बोलेरो की टक्कर, एक की मौत, कई घायल Balrampur Crime News: मुर्गा बनाने को लेकर विवाद, पति ने पत्नी को डंडे से पीटकर उतारा मौत के घाट CG Political Breaking News: BJP ने छत्तीसगढ़ में मोर्चा प्रभारियों की घोषणा की, 7 नेताओं को मिली जिम्मेदारी Dhamtari News: 5 साल के बच्चे ने निगली बैटरी वाली LED लाइट, एंडोस्कोपी से बची जान Doctor Suicide Case: शादी से 18 दिन पहले टूटा रिश्ता, डॉक्टर ने स्टाफ क्वार्टर में की आत्महत्या Timber Smuggling: दसपुर में USTR की बड़ी कार्रवाई, 3 घन मीटर लकड़ी बरामद, पुरानी जब्ती से जुड़े तार Balrampur news: मजदूरों से भरी बस और बोलेरो की टक्कर, एक की मौत, कई घायल Balrampur Crime News: मुर्गा बनाने को लेकर विवाद, पति ने पत्नी को डंडे से पीटकर उतारा मौत के घाट
W 𝕏 f
होम राष्ट्रीय तमिलनाडु गो-हत्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने हाई को…
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्रीय

तमिलनाडु गो-हत्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई स्टे

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली सरकार को एक संवेदनशील कानूनी मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है,

विशेष संवाददाता
13 Jul 2026, 02:55 PM
चेन्नई

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार को गो-हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें पूरे राज्य में गो-वंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने माना कि हाई कोर्ट के इस आदेश में सुधार की आवश्यकता है। विजय सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 

राज्य सरकार का तर्क था कि मौजूदा कानूनों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में गो-वंश के वध की अनुमति है। ऐसे में न्यायिक आदेश के जरिए कानून के प्रावधानों को पूरी तरह नहीं बदला जा सकता है।

मद्रास हाई कोर्ट के आदेश की पृष्ठभूमि

मद्रास हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में पूरे राज्य में गाय और बछड़ों की हत्या पर रोक लगाने को कहा था। जस्टिस जी.आर स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायण की बेंच ने यह निर्देश दिया था। कोर्ट ने 1976 के एक पुराने आदेश का हवाला दिया था, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्य था। बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 48 का उल्लेख करते हुए गाय को सभ्यता से जुड़ा पूजनीय पशु बताया था।

सरकार का पक्ष और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

राज्य सरकार ने दलील दी कि कानून के विपरीत जाकर कोई न्यायिक निर्देश नहीं दिया जाना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट किया कि जब कानून में पशु वध के लिए तय जगह और शर्तें मौजूद हैं, तो संपूर्ण प्रतिबंध सही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के तर्कों पर गौर किया और आदेश में सुधार की आवश्यकता जताते हुए स्टे लगा दिया। इस फैसले के बाद राज्य में अब कानूनी स्थिति पहले जैसी बनी रहेगी।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें