लंबित मांगों को लेकर सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राजधानी रायपुर में आयोजित विधानसभा घेराव महाआंदोलन में आरंग विकासखंड से 800 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वर्षों से लंबित मांगों पर तत्काल फैसला लेने की मांग की।
फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष धरम दास पाटिल के नेतृत्व में सुबह आरंग से शिक्षकों का बड़ा जत्था रायपुर के लिए रवाना हुआ। विधानसभा घेराव में आरंग की भागीदारी सबसे प्रमुख रही। शिक्षकों का कहना था कि लंबे समय से वे अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
धरम दास पाटिल ने कहा कि शिक्षक वर्ग लगातार धैर्य के साथ अपनी बात शासन तक पहुंचाता रहा है, लेकिन मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांगें किसी नई सुविधा की नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित अधिकारों से जुड़ी हैं। सरकार को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षकों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके।

इन मांगों को लेकर घेरा विधानसभा
- वर्षों से लंबित वेतन विसंगति का तत्काल निराकरण।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति।
- प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्ण सेवा लाभ प्रदान किया जाए।
- टीईटी की अनिवार्यता समाप्त कर पूर्ण सेवा सुरक्षा दी जाए।
आंदोलन में गिरजा शंकर देवांगन, राजमोहन श्रीवास्तव, विमल चंद सोनवानी, भीखम टंडन, अमित अग्रवाल, गुलाब साहू, गरीबा साहू, तुकाराम साहू, देव गायकवाड़, तोरण साहू, विश्राम प्रसाद बंजारे, सुधीर आचार्य, शेखर घृतलहरे, अर्चना शर्मा, चन्द्रशेखर साहू, उत्तम सिंह बंजारे, अरुण कुमार पटेल, राजकुमार नारंग, शिव कुमार खांडे, घनश्याम धृतलहरे, राम कुमार ध्रुव, हुमन लाल साहू, महेंद्र कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।