Tuesday, 22 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम राष्ट्रीय शंभू बॉर्डर पर तनाव : दिल्ली कूच से पहले पुलिस ने…
शंभू बॉर्डर पर तैनात पुलिस और बैरिकेड्स
शंभू बॉर्डर पर तैनात पुलिस और बैरिकेड्स
राष्ट्रीय Featured

शंभू बॉर्डर पर तनाव : दिल्ली कूच से पहले पुलिस ने रोके किसान, महापंचायत पर संकट

किसानों के दिल्ली कूच से पहले हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है। अमेरिका के साथ होने वाले समझौते के विरोध में यह महापंचायत बुलाई गई है।

प्रकाशित: 21 Jul 2026, 09:28 AM · अपडेट: 21 Jul 2026, 11:29 AM
दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा आज 21 जुलाई को दिल्ली में बुलाई गई महापंचायत को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। हरियाणा पुलिस ने तड़के ही शंभू बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है और भारी संख्या में बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। किसानों का यह जत्था शांतिपूर्ण तरीके से एक दिन की महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही रोक दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहले से चल रहे प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आ रही हैं।

क्यों हो रहा विरोध 

किसानों के इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच होने वाला प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता यानी एफटीए (FTA) है। किसान नेताओं सरवन सिंह चढूनी और सरवन सिंह पंधेर का कहना है कि अगर इस समझौते के तहत अमेरिका से सस्ते कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद भारत आए, तो देश के स्थानीय किसानों और मजदूरों की कमर टूट जाएगी। इस महापंचायत में देश भर के करीब 550 किसान संगठन शामिल हो रहे हैं। हालात को देखते हुए हरियाणा में कई बड़े किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया है, ताकि प्रदर्शन को नियंत्रित रखा जा सके।

शंभु बार्डर में किसान
सीमा पर बढ़ी सख्ती और आम जनता की परेशानी

शंभू बॉर्डर अचानक बंद होने की वजह से पंजाब से हरियाणा और दिल्ली आने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। बड़े-बड़े ट्रक और गाड़ियां फ्लाईओवर पर ही फंस गई हैं, जिन्हें पुलिस द्वारा वापस यू-टर्न करवाकर भेजा जा रहा है। किसानों का साफ कहना है कि वे कोई अनिश्चितकालीन धरना देने नहीं जा रहे थे, बल्कि केवल एक दिन की महापंचायत में हिस्सा लेकर वापस लौटने वाले थे। इसके बावजूद बॉर्डर पर जिस तरह के कड़े इंतजाम किए गए हैं, उससे आम जनता को भी भारी ट्रैफिक जाम और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन और किसान नेताओं के अपने-अपने तर्क

प्रशासन का मानना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राजधानी में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। वहीं दूसरी तरफ, किसान नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ा रोष जताया है। उनका कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के अधिकार को भी दबाना चाहती है। पंजाब सीमा पर फंसे किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की बात दोहराई है, लेकिन पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई देने के मूड में नहीं दिख रहा है।

यातायात और आगे की स्थितियों पर असर

बॉर्डर सील होने के कारण दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले आम यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार और व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर रास्ते इसी तरह बंद रहे, तो सप्लाई चेन पर इसका बुरा असर पड़ेगा। आने वाले कुछ घंटों में यह देखना अहम होगा कि क्या किसान पीछे हटते हैं या कोई नया रास्ता निकालते हैं। स्थिति पर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें