बागबाहरा। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लोक कलाकार संरक्षण समिति बागबाहरा के तत्वावधान में आयोजित सप्त दिवसीय आवासीय लोक संगीत प्रशिक्षण कार्यशाला (18 से 25 मई 2026) इन दिनों अपने चरम पर है। इस कार्यशाला में आर्गन, पैड, तबला, ढोलक, लोक एवं शास्त्रीय गायन, लोक नृत्य तथा मानस व्याख्यान जैसी विविध विधाओं में गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा (रायपुर), अध्यक्ष श्री दाऊ लाल चंद्राकर (महासमुंद) तथा अति विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज गजेंद्र (संपादक, कीर्तिमान मीडिया), प्रो. ढालू राम साहू, साहित्यकार अशोक शर्मा, हेमंत तिवारी, देवेश साहू, ऋतुराज साहू, प्रांजल राजपूत, नंदकुमार साहू, डॉ. देवेंद्र साहू, डॉ. तरुण साहू सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
मुख्य अतिथियों के प्रेरणादायक उद्बोधन
मुख्य अतिथि रामेश्वर शर्मा ने लोक कलाकार संरक्षण समिति के प्रयासों को “अद्वितीय और अनुकरणीय” बताते हुए कहा कि बिना किसी शासकीय अनुदान के पाँच वर्षों से लगातार इस स्तर का आयोजन पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।अध्यक्ष दाऊ लाल चंद्राकर ने स्व. मेहत्तर राम साहू और डॉ. प्रभंजन शास्त्री को स्मरण करते हुए लोक परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया और बाँस गीत, देवार गीत, डंडा नाच तथा रहस जैसी विलुप्त होती विधाओं को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता बताई।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यशाला के सांस्कृतिक सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में कृष्णा भारती ने हास्य-व्यंग्य से माहौल को जीवंत कर दिया। गीतकार मिनेश साहू और ईश्वर साहू की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।हबीब खान ‘समर’ ने छत्तीसगढ़ी और हिंदी ग़ज़लों के माध्यम से कार्यक्रम को भावनात्मक गहराई प्रदान की।आयोजकों के अनुसार इस सप्त दिवसीय आवासीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य केवल कलाकार तैयार करना नहीं है,
