बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) के बफर और कोर जोन से सटे इलाकों में इन दिनों बाघ का आतंक अपने चरम पर है। रविवार तड़के पनपथा परिक्षेत्र के खेरवा मोहल्ले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक आदमखोर बाघ ने घर के भीतर घुसकर सो रहे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस वीभत्स हमले में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसे बचाने दौड़े पति और ससुर गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश की आग भड़क उठी। गुस्से से लाल ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को घेरकर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें पनपथा रेंजर का सिर फट गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
भोर में 3 बजे काल बनकर आया बाघ
मिली जानकारी के अनुसार, खेरवा निवासी फूलबाई (48 वर्ष) अपने परिवार के साथ घर के आंगन में सो रही थीं। रविवार सुबह लगभग 3:00 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब एक विशालकाय बाघ दबे पांव घर के भीतर घुस आया। इससे पहले कि फूलबाई को संभलने का मौका मिलता, बाघ ने उनकी गर्दन पर हमला कर दिया।
बचाने आए अपनों को भी नहीं बख्शा: फूलबाई की चीख सुनकर उन्हें बचाने के लिए उनके पति और ससुर मौके पर दौड़े। लेकिन आदमखोर हो चुके बाघ ने उन दोनों पर भी जानलेवा हमला कर दिया। बाघ के पंजों और दांतों के वार से दोनों बुरी तरह लहूलुहान हो गए। शोर सुनकर जब तक अन्य ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जमा हुए, तब तक फूलबाई दम तोड़ चुकी थीं।
वन अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, रेंजर घायल
पनपथा परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) प्रतीक श्रीवास्तव पर ग्रामीणों ने सीधा हमला कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया और वे लहूलुहान हो गए।
पतौर रेंजर अंजू वर्मा के साथ भी उग्र भीड़ ने बदसलूकी और मारपीट की।
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसने बमुश्किल वन कर्मियों को भीड़ से बचाया और घायल रेंजर को अस्पताल पहुंचाया।
घर के अंदर ही 'कैद' है बाघ, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हमले के बाद बाघ वहां से भागा नहीं, बल्कि काफी देर तक घर के बाहर ही दहाड़ता रहा, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। इसके बाद बाघ रेंगते हुए घर के ही एक कमरे के अंदर जाकर छिप गया।
ताजा अपडेट: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम, डॉक स्क्वायड और डॉक्टरों की टीम मौके पर डटी हुई है। बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने के लिए कमरे के आसपास जाल बिछाया गया है। हालांकि, ग्रामीणों के भारी हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के कारण रेस्क्यू टीम को ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
25 लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान
उमरिया में वन्यजीवों का 'रेड अलर्ट'
उमरिया जिले और बांधवगढ़ के आसपास के गांवों में इंसान और वन्यजीवों के बीच का संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) अब बेकाबू हो चुका है। अकेले मई महीने के पिछले 21 दिनों के भीतर बाघ के हमले में यह तीसरी मौत है:
| तारीख | स्थान | घटना |
| 3 मई | पनपथा कोर क्षेत्र | बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत। |
| 16 मई | कुदरी (पनपथा कोर) | तेंदूपत्ता तोड़ते समय महिला को बाघ ने बनाया शिकार। |
| आज (रविवार) | खेरवा मोहल्ला | घर में घुसकर महिला पर हमला, मौत। |
