US Tariff Exemption: अमेरिका ने भारत समेत 20 देशों से आयात होने वाली कुछ विशेष दवाओं और चिकित्सा सामग्रियों को टैरिफ से छूट देने का फैसला किया है। यह राहत उन दवाओं पर लागू होगी, जिनका इस्तेमाल दुर्लभ बीमारियों, जटिल उपचारों और विशेष चिकित्सा प्रक्रियाओं में किया जाता है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने फेडरल रजिस्टर में उन देशों की सूची जारी की है, जिन्हें इस छूट के दायरे में शामिल किया गया है। विभाग के अनुसार, 29 सितंबर से कुछ पेटेंट वाली फार्मास्यूटिकल दवाओं और उनसे जुड़े कच्चे माल के आयात पर प्रस्तावित 100 प्रतिशत टैरिफ से इन देशों के योग्य उत्पादों को बाहर रखा जाएगा।
इससे पहले 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू दवा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेटेंट प्राप्त फार्मास्यूटिकल्स, बायोलॉजिक्स और संबंधित सामग्री के आयात पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह कदम अमेरिका में दवा निर्माण को प्रोत्साहित करने की नीति के तहत उठाया गया था। हालांकि, अब कुछ विशेष श्रेणी की दवाओं को इस शुल्क से राहत दी गई है।
इन दवाओं को मिलेगी टैरिफ छूट
शून्य प्रतिशत टैरिफ वाली श्रेणी में कई महत्वपूर्ण चिकित्सा उत्पाद शामिल हैं। इनमें—
- दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं
- बांझपन उपचार से जुड़ी दवाएं
- सेल थेरेपी और जीन थेरेपी उत्पाद
- एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट (ADC)
- पशु चिकित्सा में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं।
इन दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले संबंधित घटकों पर भी शून्य प्रतिशत टैरिफ लागू होगा।
भारत समेत इन देशों को मिली छूट
भारत के अलावा जिन देशों को इस टैरिफ राहत सूची में शामिल किया गया है, उनमें अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम शामिल हैं। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के नोटिस में कहा गया है कि इन क्षेत्रों से आने वाले योग्य उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैरिफ लागू किया जा सकता है, क्योंकि इन देशों के साथ अमेरिका के मौजूदा या प्रस्तावित व्यापार और सुरक्षा समझौते हैं।
व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत लागू होगी नीति
यह फैसला अमेरिकी व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत दवाओं और औषधीय सामग्री के आयात को नियंत्रित करने से जुड़ी ट्रंप प्रशासन की अप्रैल की घोषणा के कार्यान्वयन का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस छूट का उद्देश्य आवश्यक और उन्नत चिकित्सा उपचारों की आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाना है, ताकि दुर्लभ और गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता बनी रहे।
