पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में रविवार को भारी हंगामा देखने को मिला। पूर्व टीएमसी (TMC) विधायक रामेंदु सिन्हा राय को जैसे ही पुलिस धानियाखाली थाने लेकर पहुंची, वहां मौजूद भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने उनके खिलाफ 'चोर-चोर' के नारे लगाने शुरू कर दिए और कुछ लोगों ने तो उन पर अंडे भी फेंके। तारकेश्वर सीट से पूर्व विधायक रहे रामेंदु सिन्हा राय को हुगली पुलिस कर्नाटक के बेलगावी से पकड़कर लाई है। उन पर सरकारी राहत सामग्री का गलत इस्तेमाल करने और विरोध करने वालों को बंदूक दिखाकर डराने-धमकाने का आरोप है। जून के महीने में टीएमसी नेताओं के विरोध का यह छठा मामला है।
यह पूरा मामला 11 जून की शाम का है। धानियाखाली इलाके के कोटालपुर में स्थित विवेकानंद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज से रात के अंधेरे में कुछ सरकारी सामान गाड़ी में लादकर ले जाया जा रहा था। आरोप है कि पूर्व विधायक और उनके साथी इस काम में शामिल थे। जब कुछ स्थानीय लोगों और बीजेपी (BJP) समर्थकों ने इसका विरोध किया, तो बात बढ़ गई। पुलिस का कहना है कि बहस के दौरान सिन्हा राय ने लोगों पर बंदूक तान दी और उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग निकले। इसके बाद 12 जून को उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस (BNS) और आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत केस दर्ज किया गया।
कॉलेज से मिला सरकारी सामान, कर्नाटक भागे थे आरोपी
घटना के बाद जब पुलिस ने कॉलेज परिसर की चेकिंग की, तो वहां से भारी मात्रा में सरकारी तिरपाल, कंबल और डस्टबिन बरामद हुए। केस दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक फरार हो गए थे। हुगली पुलिस की स्पेशल टीम (special team) ने उनका पीछा किया और उन्हें कर्नाटक के बेलगावी से दबोच लिया। लोकल कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड (यानी आरोपी को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने की कानूनी मंजूरी) मिलने के बाद पुलिस उन्हें बंगाल लेकर आई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ जारी है।