छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें रायपुर स्थित एम्स अस्पताल के मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (MICU) में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जनरल मेडिसिन विभाग की देखरेख में उनका उपचार जारी है। एम्स रायपुर में मेडिसिन, पल्मोनरी और नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक तीजन बाई के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी स्थिति को देखते हुए लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है और जरूरी जांचें भी कराई जा रही हैं। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें विशेष निगरानी में रखा है।
लंबे समय से बीमारी से जूझ रहीं तीजन बाई
बताया जा रहा है कि तीजन बाई पिछले करीब तीन वर्षों से लकवा और याददाश्त संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उनकी स्थिति समय-समय पर बिगड़ती रही है। इससे पहले भी नवंबर 2025 में उनकी तबीयत अचानक खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर उनका हालचाल जाना था और जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में लोककला की मजबूत पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी गायन शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाकर भारतीय लोकसंस्कृति को नई ऊंचाई दी। अपनी दमदार आवाज, अभिनय शैली और अनोखी प्रस्तुति के कारण उन्होंने दुनियाभर में खास पहचान बनाई।दुर्ग जिले के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर
तीजन बाई का जन्म 8 अगस्त 1956 को दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के अटारी गांव में हुआ था। जन्म के दिन तीज पर्व होने के कारण उनका नाम ‘तीजन’ रखा गया। बेहद साधारण परिवार से आने वाली तीजन बाई ने कठिन परिस्थितियों के बीच लोककला की साधना शुरू की और आगे चलकर पंडवानी की सबसे बड़ी पहचान बन गईं।
साल 1980 के दशक में तीजन बाई ने भारत की सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विटजरलैंड, जर्मनी, तुर्किये और माल्टा सहित कई देशों की यात्राएं कीं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महाभारत आधारित पंडवानी गायन प्रस्तुत कर विदेशी दर्शकों को भी भारतीय लोककला से परिचित कराया।
