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Suvendu Adhikari Bengal by-election (Image Source: AI Photo)
Suvendu Adhikari Bengal by-election (Image Source: AI Photo)
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West Bengal By Election: नंदीग्राम और रेजीनगर में टेस्ट वाले बयान से सियासी पारा चढ़ा, TMC ने साधा निशाना

West Bengal By Election: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के एक बयान ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं से 6 अक्टूबर के मतदान को ‘टेस्ट’ बताते हुए सरकार के विकास कार्यों पर फैसला लेने की अपील की। TMC ने इसे धमकी करार दिया, जबकि बीजेपी ने बयान का बचाव किया है।

कीर्तिमान न्यूज
18 Sep 2026, 11:21 AM
कोलकाता
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

West Bengal By Election: पश्चिम बंगाल की दो प्रमुख विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर—में आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक ताज़ा बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

एक चुनावी जनसभा के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने 6 अक्टूबर के मतदान को उनके लिए एक तरह का 'टेस्ट' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन मतदाताओं को यह तय करना होगा कि वे सरकार के विकास कार्यों के साथ हैं या नहीं।

‘पास या फेल’ का पैमाना: आखिर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?

पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया में आयोजित एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पुरानी चुनावी सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में भारतीय जनता पार्टी की जीत का अंतर सभी के अनुमानों से परे था।

अल्पसंख्यक वोटों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा:

"जो लोग अब तक हमें या बीजेपी को वोट नहीं देते रहे हैं, उनके पास यह तय करने का एक बेहतरीन मौका है कि वे सरकार और मुख्यमंत्री की नीतियों का समर्थन करते हैं या नहीं। 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में आपका टेस्ट है। अब देखना यह है कि आप इसमें पास होते हैं या फेल... बाकी चीज़ें 18 तारीख के बाद देखी जाएँगी।"

हालांकि, उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि नंदीग्राम में चल रहीं विकास योजनाएँ और प्रशासनिक सुविधाएँ बिना किसी भेदभाव के जारी रहेंगी।

दोनों सीटों का गणित: अल्पसंख्यक वोट क्यों हैं अहम?

उपचुनाव वाली इन दोनों ही सीटों पर अल्पसंख्यक मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है:

  • नंदीग्राम: 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगह से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम छोड़ दी, जिससे यह सीट खाली हुई।

  • रेजीनगर: एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने 2026 चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था।

उम्मीदवारों की स्थिति

  • नंदीग्राम से बीजेपी उम्मीदवार: हासीरानी रथ (दिवंगत बीजेपी कार्यकर्ता चंद्रनाथ रथ की माताजी, जिनकी चुनावी नतीजों के दो दिन बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जाँच फिलहाल सीबीआई कर रही है)।

  • रेजीनगर से बीजेपी उम्मीदवार: शाखराव सरकार।

(उल्लेखनीय है कि 2026 के आम चुनाव में नंदीग्राम में बीजेपी को 50.56% वोट मिले थे, जबकि रेजीनगर में हुमायूं कबीर को 51.62% और बीजेपी को 27.02% वोट मिले थे।)

तृणमूल कांग्रेस का तीखा हमला: ‘यह सीधी धमकी है’

शुभेंदु अधिकारी के इस बयान पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ा ऐतराज जताया है:

  • सौगत रॉय (TMC सांसद): "यह बयान लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और अल्पसंख्यकों को खुलेआम दी गई एक धमकी है। यह मुख्यमंत्री की सांप्रदायिक मानसिकता को दर्शाता है।"

  • डोला सेन (TMC सांसद): "हमारा देश अपनी विविधता और अखंडता के लिए जाना जाता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को इस मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन चलाने वालों को सद्बुद्धि आएगी।"

बीजेपी का पलटवार: ‘अल्पसंख्यकों को सिर्फ वोट बैंक समझा गया’

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी नेता केया घोष ने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा:

"तृणमूल, वामदल और कांग्रेस ने सालों तक अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के रूप में किया है। उनका असली विकास कभी नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने बस यही अपील की है कि लोग अपने वास्तविक विकास और प्रगति को ध्यान में रखकर वोट दें।"

6 अक्टूबर को मतदान, 9 को नतीजे

दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे, जबकि मतों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। उपचुनाव के इस दौर में अब सीधा मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि मतदाताओं के सियासी रुख का भी बन चुका है।

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